रांची
समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर राज्य स्तर के कर्मियों के मानदेय में वृद्धि के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारिणी समिति की हाल ही में संपन्न बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह कमेटी राजस्व पर्षद के सदस्य या स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मनोनीत किसी पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी।
निर्णय के अनुसार, यह कमेटी में राज्य के अन्य विभागों जैसे ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग एवं अन्य विभागों में समतुल्य पदों पर दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में लागू व्यवस्था का भी अध्ययन करेगी।
इससे पहले बैठक में राज्य कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें कहा गया कि इन परियोजना कर्मियों के मानदेय का निर्धारण पूर्व में चतुर्थ वेतनमान के आधार पर ही किया गया है तथा अबतक इसमें संशोधन नहीं किया जा सका है।
इस कारण से इनके मासिक मानदेय तथा राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा समय-समय अंतरिम राहत के रूप में मानदेय वृद्धि के बाद भी लगभग 55 प्रतिशत का अंतर है। इस अंतर काे पाटने के लिए 40 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया था, जो एक जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होता। बताते चलें कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक लगभग एक हजार कर्मी, पदाधिकारी कार्यरत हैं।
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