आँगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, शिक्षा और सम्मान के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

सेवा-संकल्प अभियान के तहत झाबुआ जिले में आयोजित ‘आँगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम ने आँगनवाड़ी केंद्रों को केवल शासकीय सेवाओं के वितरण स्थल से आगे बढ़ाकर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और विभिन्न योजनाओं की हितग्राही महिलाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक जिले के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों पर चल रहे इस अभियान में महिलाओं और बच्चों को केंद्र में रखकर स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण, पोषण जागरूकता, मातृ संवाद, महिला हितग्राहियों की सफलता की कहानियां तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले ने 5 अक्टूबर तक एक लाख बच्चों को विभिन्न गतिविधियों और सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

‘सेवा’ को सरकारी दायित्व से आगे सामाजिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान

मंत्री  भूरिया ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं को समाज की व्यापक भागीदारी से जोड़ना है। गांव, फलिये और मोहल्ले के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका है। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी भवन और उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी संस्थाएं केवल सरकारी परिसंपत्तियां नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने आँगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर देने के साथ कुपोषण से लड़ाई और विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सराहना की तथा महिला हितैषी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में आए बदलावों का उल्लेख किया।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry