बिहार भवन उपविधि में बड़ा बदलाव, 12 मीटर तक घर पर मिलेगी नक्शा स्वीकृति में राहत

राज्य

पटना
बिहार में अब 12 मीटर की ऊंचाई (तिमंजिला) तक मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने के झंझट से मुक्ति मिलने वाली है। 12 मीटर ऊंचाई वाले भवन के लिए मानक के अनुरूप बना स्वप्रमाणित नक्शा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर इसका निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद स्वीकृति प्रमाणपत्र डाउनलोड किया जा सकेगा। बिहार भवन उपविधि के मसौदे में संशोधन करते हुए इस प्रावधान को शामिल किया गया है। जल्द ही इस पर राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति ली जाएगी। उपविधि के मसौदे पर 118 आपत्तियां और सुझाव आए थे, जिनका निराकरण उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की अध्यक्षता में बने मंत्री समूह की बैठक में कर लिया गया है। मंत्री समूह ने नियमों को सरल और प्रक्रिया को आसान बनाते हुए उपविधि के अंतिम रूप को मंजूरी दी है। सेटबैक और एफएआर (फ्लोर एरिश रेशियो) के नियमों में भी छूट दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, भवन उपविधि के मसौदे में कई संशोधन किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण संशोधन नक्शा की स्वीकृति से संबंधित है। अब 12 मीटर यानी तिमंजिला मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी। इसमें तीन मंजिला या अधिकतम चार मंजिला मकान बनाया जा सकता है। भवन उपविधि के मसौदे में इसे 24 मीटर रखा गया था। इंजीनियरों और वास्तुविदों के सुझाव के बाद इसे घटाया गया है। जोखिम के लिहाज से भवनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। मध्यम जोखिम वाले भवन (12 से 24 मीटर ऊंचाई) के लिए इंजीनियर या वास्तुविद से नक्शा पास कराना होगा। उच्च जोखिम श्रेणी के भवनों (24 मीटर से ऊंचे) को नक्शा और एनओसी से संबंधित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

एफएआर और सेटबैक में छूट
भवन नियमावली को सरल बनाते हुए मंत्री समूह ने एफएआर और सेटबैक नियमों में छूट को स्वीकृति दी है। आधार एफएआर 3 रखा गया है। यह सभी तरह के भूखंडों पर लागू होगा। अतिरिक्त शुल्क देने पर एफएआर में छूट मिलेगी। वहीं, 12 मीटर तक चौड़ाई और गहराई वाले भूखंड में सेटबैक नियमों से पूरी तरह छूट रहेगी। 15 मीटर ऊंचाई तक के भवनों में 3.7 मीटर सेटबैक जरूरी होगा।

पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 3.7 मीटर रखनी होगी
अन्य संशोधनों में आवास तक के पहुंच मार्ग की चौड़ाई 3.7 मीटर यानी करीब 12 फीट रखना होगा। पहुंच मार्ग के लिए जमीन छोड़ने पर भू स्वामियों को एफएआर का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा नक्शे की वैधता को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किया गया है। नक्शा की स्वीकृति 30 दिन में नहीं मिलने पर वह स्वीकृत माना जाएगा। यानी नक्शा पास कराने के लिए अब अधिकारियों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।

ऊंचाई के अनुसार तीन वर्गों में बांटे गए भवन
1. निम्न जोखिम : 12 मीटर ऊंचाई तक

2. मध्यम जोखिम : 12 से 24 मीटर तक ऊंचाई

3. उच्च जोखिम: 24 मीटर से ऊंचे भवन

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