योगी सरकार के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मिलेगी नई गति

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, नवाचार और तकनीकी विकास को लगातार गति दे रही है। इसी क्रम में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की भूमिका को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने की।

बैठक में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न नीतियों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तकनीक आधारित विस्तार देने की आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आईटी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति, सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, स्टार्टअप नीति और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विकास का प्रमुख आधार बनाने पर जोर

बैठक में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के दौरान इन क्षेत्रों के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी नीतियों और योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नई पहलों और प्रोत्साहन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में अंतिम रूप देकर धरातल पर लागू करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसका लाभ निवेशकों, कंपनियों और प्रदेश के युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।

निवेश के साथ रोजगार और कौशल विकास पर भी फोकस

मंत्री ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तकनीकी विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में होने वाला निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार करेगा।

निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति और प्रोत्साहन वितरण में तेजी के निर्देश

बैठक में निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति, प्रोत्साहन वितरण और परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और परियोजनाओं को समय से धरातल पर उतारना आवश्यक है।

तकनीकी रूप से सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ेगा विभाग

बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, नवाचार, रोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी विकास को और गति देने पर जोर दिया गया।

बैठक में लिए गए निर्णयों के माध्यम से प्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने तथा योगी सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को आकांक्षा राणा, आईएएस, विशेष सचिव/प्रबंध निदेशक यूपीएलसी जसजीत कौर, आईएएस सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry