कुमकुम के 10 ने बदला मैच का रुख, भारत ने कोरिया को हराकर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण

खेल

नई दिल्ली
 भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया सुनहरा पन्ना दर्ज हो गया है। एशियन गेम्स 2026 में अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम अनिल मोहौद की तिकड़ी ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत के लिए पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत लिया है। भारतीय टीम ने फाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में मजबूत साउथ कोरियाई टीम को धूल चटाई। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने कभी भी महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश नहीं किया था लेकिन इस बार भारतीय तीरंदाजों ने कांग चेयोंग, ली यूंजी और ओ येजिन की मजबूत कोरियाई तिकड़ी को पछाड़कर इतिहास रच दिया।

पहले एंड में कांटे की टक्कर कुमकुम ने किया कमाल
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पहले एंड की शुरुआती तीन तीरों में भारत ने 28-26 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, कीर्ति के 7 अंक पर निशाना चूकने से भारत का पलड़ा थोड़ा हल्का हुआ और स्कोर 54-54 से बराबर हो गया। लेकिन दबाव के इस क्षण में युवा कुमकुम ने बिल्कुल सटीक 10 का स्कोर बनाकर स्कोर बराबर रखा जिससे पहला एंड 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

दूसरे एंड में भी बरकरार रहा दबाव
दूसरे एंड में कोरियाई खिलाड़ियों ने 10-9-9 के साथ 28 अंक बनाए। जवाब में भारत की ओर से अंकिता ने शानदार शुरुआत करते हुए 10 अंक पर निशाना मारा। कीर्ति के 8 पर चूकने के बाद एक बार फिर कुमकुम संकटमोचक बनकर उभरीं और 10 अंक साधकर स्कोर 28-28 कर दिया। दूसरे रोटेशन में भी कोरिया ने फिर से 28 अंक बटोरे। भारत के लिए अंकिता ने एक बार फिर 10 लगाया और कीर्ति के 8 के बाद कुमकुम ने दबाव में बेहद खूबसूरत 10 का स्कोर कर एंड को 56-56 से टाई कराया, जिससे दो एंड के बाद स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया।

तीसरे एंड में कीर्ति की शानदार वापसी
तीसरे एंड में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति बदलते हुए ऑर्डर में बदलाव किया। इस बार कीर्ति ने भारत के लिए शुरुआत की और पिछली गलतियों को सुधारते हुए सीधा 10 पर निशाना साधा। अंकिता और कुमकुम ने इसके बाद 9-9 का स्कोर किया, जिससे भारत को कोरिया के 27 अंक के मुकाबले 28-27 की मामूली बढ़त मिल गई।

भारत ने पक्का किया ऐतिहासिक गोल्ड
इसके बाद कोरियाई तीरंदाज दबाव में आ गईं और अपनी आखिरी तीन कोशिशों में केवल 8-8-8 के स्कोर ही कर सकीं। भारत के पास मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनाने का सुनहरा मौका था। भारतीय तिकड़ी ने कोई गलती नहीं की और 8, 9 और 10 का स्कोर बनाकर तीसरे एंड को 55-51 से अपने नाम कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के बदौलत भारत ने फाइनल मुकाबले में 4-2 की बढ़त बना ली और एशियन गेम्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry