लखनऊ में BJP की रणनीतिक बैठक, बूथ मैनेजमेंट से लेकर MLC चुनाव तक बनी योजना

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हलचल के बीच गुरुवार दोपहर जिस मनोभाव के साथ प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े कक्ष में पहुंचे, तभी साफ हो गया था कि यह सिर्फ संगठन की बैठक नहीं है। रणनीतिकार आश्वस्त थे कि तावड़े समेत चारों सह-प्रभारियों की प्रदेश इकाई के साथ बैठक में एमएलसी चुनाव एवं मिशन-2027 की तैयारियों की रूपरेखा बनेगी।

शीर्ष पदाधिकारियों ने पहले बंद कमरे में बैठक की। फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों एवं प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक की। 2024 लोकसभा चुनाव में हारे 40 हजार बूथों को जीतने का लक्ष्य दिया गया। शाम तक मोर्चों की प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए।

प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े एवं सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल दो बार लखनऊ पहुंच चुके हैं, जबकि 23 सितंबर को सह प्रभारी बनाए गए अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा एवं मेधा कुलकर्णी पहली बार प्रदेश के दौरे पर आए। पहली बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह एवं चारों सह-प्रभारी बैठे।

बूथ प्रबंधन के साथ ही यूजीसी, जेनजी, आरक्षण, पीडीए, विधायकों के प्रति आक्रोश, एसआइआर, नए नैरेटिव एवं राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे कई विषयों का चुनावी प्रभाव आंका गया। कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की बात हुई। इस बैठक से प्रदेश पदाधिकारियों को दूर रखा गया। दूसरे सत्र में तावड़े एवं उनकी टीम ने प्रदेश महामंत्रियों दिलीप पटेल, शंकर लोधी, अभिजात मिश्रा, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, राजेश चौधरी, राम प्रताप सिंह एवं संजय राय के अलावा मोर्चों के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, रोहित मिश्रा, अशोक रावत, सरोज कुशवाहा, प्रकाश पाल एवं विद्याभूषण गोंड एवं सभी छह प्रभारियों की बैठक ली।

उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हारी विधान सभा सीटों एवं जीती सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के लिए कहा गया। पदाधिकारियों को स्नातक एवं शिक्षक खंड के 11 एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहा। बैठक में संकेत दे दिया था कि शाम तक मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित कर दी जाएंगी।

तावड़े का सबसे ज्यादा फोकस 2027 विधान सभा चुनाव को लेकर रहा, जिसमें एनडीए के घटक दलों से बूथ स्तर तक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने एवं ज्यादा से ज्यादा वोटों को मतदान बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सात अक्टूबर को वाराणसी में वडनगर से आने वाली जलकलश यात्रा को लेकर भी जानकारी दी गई।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry