गांधी जयंती पर मंत्री विश्वास सारंग ने खरीदे खादी के वस्त्र; स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को जवाहर चौक स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन पहुंचकर खादी वस्त्रों एवं स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र स्थित पंजाबी बाग गुरुद्वारे में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में पंजाबी समाज के बंधुओं के साथ श्रमदान किया। इसके साथ ही मंत्री  सारंग ने व्यक्तिगत स्वच्छता ही सेवा के तहत छोला स्थित  खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण की भी सफाई की। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने कहा कि बापू का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वच्छता का संदेश देता है। उनके विचार आज भी हमारे लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। गांधी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी थी। आज गांधी जयंती पर हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने और स्वदेशी को जन-जन की पसंद बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

मंदिरों और गुरुद्वारे में किया श्रमदान

मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र स्थित पंजाबी बाग गुरुद्वारे में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में पंजाबी समाज के बंधुओं के साथ श्रमदान किया। साथ ही मंत्री  सारंग ने व्यक्तिगत स्वच्छता ही सेवा के तहत छोला स्थित  खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण की भी सफाई की। मंत्री  सारंग ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को केवल व्यक्तिगत आदत नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा का माध्यम माना था। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब स्वच्छता हमारी आदत, हमारी जिम्मेदारी और हमारे संस्कार का हिस्सा बने।

स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान

मंत्री  सारंग ने कहा कि खादी महज एक वस्त्र नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और देश के कारीगरों एवं बुनकरों के सम्मान का प्रतीक है। खादी और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी के माध्यम से हम न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं बल्कि मेहनतकश कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों के सपनों को भी संबल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं, तो उसका लाभ सीधे हमारे अपने कारीगर, बुनकर और छोटे उद्यमी तक पहुंचता है। वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करना ही आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति देना है। आगे उन्होंने कहा कि गांधी जयंती को केवल स्मरण का दिन न बनाकर स्वच्छता, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और सेवा के संकल्प को अपने जीवन में उतारने का अवसर बनाएं।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry