नई दिल्ली
बडगाम मुठभेड़ में बीते दिनों पाकिस्तान लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा मारा गया था. जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप(SSG) का रिटार्ड कमांडो था. अधिकारियों के मुताबिक, वह पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम में भी तैनात रह चुका था.
बता दें, बीते दिनों सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था. मुठभेड़ में लश्कर कमांडर आतंकी मोहम्मद आसिम उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया था.
यह मुठभेड़ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग इलाके में हुई थी. सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकियों की संख्या में लगातार गिरावट आई है. उस समय घाटी में भाड़े के आतंकियों की संख्या 300 से 400 के बीच या उससे ज्यादा आंकी जाती थी.
लंबे समय से चल रही थी मूसा की तलाश
मूसा की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त रणनीति बनाई. आखिरकार बडगाम के खानसाहिब इलाके के गुरवतकलान में ऑपरेशन के दौरान मूसा मारा गया.
मूसा के मारे जाने के साथ ही 2022 के बाद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के चार बड़े कमांडरों का समूह खत्म हो गया. सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस ग्रुप के जुनैद भट, सुलेमान और यासिर पहले ही अलग-अलग अभियानों में मारे जा चुके थे. जुनैद भट 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया था. सुलेमान को 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में ढेर किया गया, जबकि यासिर 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया. इसके बाद 30 सितंबर को मूसा का खात्मा हुआ.
बड़े हमलों से जुड़े थे चारों कमांडर
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इन चारों कमांडरों का नाम जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों के कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया था. इनमें अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2023 का कंडी हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला, अक्टूबर 2024 का गगनगीर हमला, अक्टूबर 2024 का बूटापथरी हमला और अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
