पटना सिटी
राजधानी पटना में मेट्रो रेल और मरीन ड्राइव की परिकल्पना साकार करने के बाद केंद्र एवं राज्य सरकार ने अब गंगा में वाटर मेट्रो योजना पर काम करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिया है।
राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक से जुड़े पटना क्षेत्र की गंगा में लगभग 1200 करोड़ रुपए से विकसित होने वाला वाटर मेट्रो शहर की तस्वीर बदलने के साथ ही आम लोगों की जिंदगी में भी बड़ा बदलाव लाएगा।
प्रथम चरण में कंगन घाट और पहलवान घाट पर विश्वस्तरीय टर्मिनल बनाया जाएगा। इस रीवर क्रूज टर्मिनल पर देशी-विदेशी पर्यटकों को लेकर आने वाले क्रूज का ठहराव होगा।
दोनों घाटों पर 2-2 एकड़ जमीन आवंटित
टर्मिनल के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने दोनों घाटों पर दो-दो एकड़ भूखंड भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण पटना को आवंटित कर दिया है।
प्राधिकरण के पटना कार्यालय के पदाधिकारी ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयास से इन दोनों टर्मिनल का निर्माण लगभग दो सौ करोड़ रुपए से होगा।
यह निर्माण कार्य वर्ष 2029 से पहले पूरा होने की उम्मीद है। इन दोनों टर्मिनलों के आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।
कंगन घाट पर जेपी गंगा पथ के नीचे से यात्री पहुंचेंगे पांटून तक
IWAI पटना के पदाधिकारी ने बताया कि कंगन घाट के समीप रीवर क्रूज टर्मिनल के लिए ब्लीडिंग के साथ पूरी यूनिट का निर्माण होगा।
टर्मिनल और गंगा में बनने में लगभग 150 मीटर लंबे पांटून को जेपी गंगा पथ के नीचे से गुजरने वाले गैंगवे से जोड़ा जाएगा।
एक पांटून पर एक साथ चार जहाजों का ठहराव किए जाने की व्यवस्था होगी। यहां रुकने वाले जहाजों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए फ्यूल बंकरिंग सिस्टम की भी सुविधा होगी।
पहलवान घाट पर एलिवेटेड होगा निर्माण
योजना के मुताबिक पहलवान घाट पर बनने वाले रीवर क्रूज टर्मिनल से जुड़ी पूरी व्यवस्था एलिवेटेड होगी। टर्मिनल के चारो ओर एलिवेटेड एरिया होगा।
एलिवेटेड क्रूज टर्मिनल ब्लीडिंग, एलिवेटेड टर्मिनल ब्लीडिंग, यहां से पांटून तक जाने वाला रैंप भी एलिवेटेड होगा। गंगा तट को आकर्षक बनाने के लिए स्टोन पीचिंग किया जाएगा।
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