UP में राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की रणनीति पर नजर, जातीय-क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ
 भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव की दस सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए सोमवार को अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है।

राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन है और भाजपा ने पर्याप्त संख्या में नामांकन पत्र खरीदकर तैयारी कर ली है। अपने प्रत्याशियों के चयन के जरिए भाजपा वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव के लिए जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों का संदेश भी देने की कोशिश कर सकती है। भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर स्मृति इरानी, हरीश द्विवेदी, हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, वरुण गांधी, संजीव बालियान सहित कई नाम चर्चा में हैं।

भाजपा विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए इस चुनाव में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधेगी। माना जा रहा है कि पार्टी युवा और महिला उम्मीदवारों को टिकट देगी। पार्टी ब्राह्मण, राजपूत, ओबीसी और अनुसूचित जाति के साथ अल्पसंख्यक को भी टिकट दे सकती है।

माना जा रहा है कि भाजपा इस बार आठ प्रत्याशियों में से एक पासी, एक जाटव, दो ब्राह्मण, एक गुर्जर, एक जाट, एक कूर्मि प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। एक पूर्व मंत्री भी राज्य सभा जा सकते हैं। इस बार पूर्व पुलिस अधिकारी के साथ ही  किसी राजपूत को राज्य सभा नहीं भेजा जाएगाष उनको विधान परिषद में एडजस्ट किया जाएगा। जिन्हें नामांकन करना है उन्हें तैयारी का संकेत दे दिया गया है।

उम्मीदवारों में राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम की चर्चा है। इनके साथ ही कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बी एल वर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राजवीर सिंह उर्फ राजू भैय्या, प्रकाश पाल या पूजा पाल में से एक, दुर्विजय शाक्य या गीता शाक्य या ममतेश शाक्य में से कोई एक भी टिकट की दौर में हैं। सुब्रत पाठक या त्र्यंबक त्रिपाठी, सुरेश राणा आदि के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिए जा रहे हैं। इसी तरह आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी का भी नाम लिया जा रहा है, जिन्हें भाजपा अपना समर्थन दे सकती है।

विधायकों के संख्या बल के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी सात सीट आसानी से जीत लेगी। समाजवादी पार्टी ने भी दो प्रत्याशियों का नाम घोषित किया, जिनको वो आसानी से जीत दिला सकती है। अब सभी की निगाहें भाजपा के आठवें और समाजवादी पार्टी के तीसरे प्रत्याशी पर भी है। माना जा रहा है की भाजपा मैदान में आठवां प्रत्याशी भी उतारेगी। आठवीं सीट पर जीत के लिए उसे कुछ ही और विधायकों के वोटों की जरूरत है।

विधायकों का संख्या बल
उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 255 विधायक हैं, जबकि सपा के 101 सदस्य हैं। भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो तथा कांग्रेस के दो विधायक हैं, जबकि सात विधानसभा सीट रिक्त हैं।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार नौ अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।

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