रांची
हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत के आदेश के आलोक में पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त और अदालत में उपस्थित हुए।
पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 102 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।
शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश
पर्यटन सचिव के जवाब पर अदालत ने शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार की गई डीपीआर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
इस परियोजना के लिए राशि किस मद से उपलब्ध कराई जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
इस संबंध में संजीव कुमार सिंह की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार डीपीआर पर स्वीकृति के लिए फाइल विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है, क्योंकि राशि अधिक है। अदालत ने अगली सुनवाई में शपथ पत्र के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
2023 का आदेश
अदालत ने रामगढ़ डीसी और पर्यटन विभाग के सचिव की सशरीर उपस्थिति से फिलहाल छूट देते हुए अगली सुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट को सहयोग करने का निर्देश दिया है।
मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को विस्तृत आदेश पारित किया था।
अदालत ने राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम और रामगढ़ जिला प्रशासन को मंदिर परिसर और आसपास की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।
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