चंडीगढ़.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब सरकार को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। अब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर दूसरी पीठ के समक्ष रखा जाएगा। जस्टिस नागू पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए थे।
दूसरी पीठ को सौंपा जाएगा मामला
शुक्रवार को याचिका पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। मामला शुरू होने पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागू नहीं कर सकते और इसे मुख्य न्यायाधीश दूसरी पीठ को सौंपेंगे।
