हिसार में कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा, ₹9.93 करोड़ के टेंडर के बाद वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना आगे बढ़ी

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 हिसार शहर के कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रस्तावित योजना अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हिसार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की तैयारियों के बीच आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (ओजीईएल) की ओर से तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने ढंढूर गांव के पास चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया।

दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण कर वहां की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार की। निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा के मार्गदर्शन में नगर निगम की तकनीकी टीम भी एक्सईएन जयवीर डूडी के नेतृत्व में मौके पर मौजूद रही।

परियोजा को आगे बढ़ाने के लिए होगी मिट्टी की जांच
अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन की मिट्टी की जांच करवाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की तकनीकी प्रक्रिया को गति मिलेगी। हिसार में प्रस्तावित यह परियोजना शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखती है।

योजना के तहत पांच जिलों हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र से आने वाले कचरे का उपयोग कर पांच से दस मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

मेरठ की एजेंसी को दिया 9.93 करोड़ रुपये का टेंडर
इसके लिए राजकीय पशुधन फार्म की 55 एकड़ भूमि में से 15 एकड़ जमीन लीज पर मिल चुकी है। कचरा प्रोसेसिंग के काम के लिए मेरठ की एजेंसी को 9.93 करोड़ रुपये में टेंडर दिया गया है। निगमायुक्त से भी हुई मीटिंग विशेषज्ञों की टीम ने निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा से परियोजना के संबंध में बातचीत की।

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ते हुए आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जमीन के संबंध में काफी जानकारी जुटाई।

ओजीईएल और यूएलबी की टीम ने इस जगह का किया निरीक्षण
चिकनवास सब स्टेशन से जुड़ेगा प्रस्तावित प्लांट वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के लिए बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है। एचवीपीएनएल के एक्सइएन सत्यप्रकाश के नेतृत्व में चिकनवास में 220 केवी का सब स्टेशन तैयार हो चुका है।

प्रस्तावित योजना के अनुसार, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को इस सब स्टेशन से जोड़ने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाई जाएगी। इससे प्लांट में उत्पादित बिजली को बिजली व्यवस्था में शामिल करने का रास्ता तैयार होगा।

प्रदेश सरकार हिसार के विकास को व्यापक स्तर पर गति दे रही है। इसी दिशा में क्लस्टर स्तर पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने और ऊर्जा पैदा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।