वन्यजीवों और पशुधन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

मध्य प्रदेश राज्य

पन्ना
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना योजना के अंतर्गत बाघों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, पार्क की परिधि से लगे हुए ग्रामों में घरेलू कुत्तों और मवेशियों के टीकाकरण का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों में संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को पूरी तरह से रोकना है।
कुत्तों का टीकाकरण अभियान *(प्रथम एवं द्वितीय चरण)
पालतू कुत्तों में कैनाइन डिस्टेंपर एवं अन्य सात गंभीर बीमारियों की रोकथाम हेतु टीकाकरण का प्रथम चरण 8 अक्टूबर 2026 को ग्राम अकोला से प्रारंभ किया गया था। इस चरण के तहत निर्धारित तिथियों में निम्नलिखित ग्रामों में टीकाकरण कार्य किया जा रहा है:  8 अक्टूबर ग्राम अकोला, 9 अक्टूबर अमझेरिया, 10 से 12 अक्टूबर  ग्राम बांधी, 13-14 अक्टूबर ग्राम बराच , 17 अक्टूबर जरधोवा,18 अक्टूबर इटवा, 19 अक्टूबर जनवार इन टीकाकरणों के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बूस्टर डोज भी लगाए जाने हैं। इसके पश्चात, टीकाकरण का द्वितीय चरण 18 दिसंबर 2026 से 6 जनवरी 2027 तक संपन्न किया जाएगा।

मवेशियों का टीकाकरण अभियान (वर्ष 2026-27)
पार्क की सुरक्षा के दृष्टिकोण से मवेशियों की विभिन्न संक्रामक बीमारियों (एच.एस., बी.क्यू. एवं एफ.एम.डी.) से रक्षा के लिए भी व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।  यह अभियान 12 अक्टूबर 2026 को ग्राम अकोला से शुरू हुआ। 13 अक्टूबर बड़ौर,14-15 अक्टूबर जरधोवा, 17 अक्टूबर रमपुरा, 18 अक्टूबर कणवाहा
 मवेशियों के टीकाकरण का यह संपूर्ण अभियान 11 दिसंबर 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन क्षेत्र के सभी पशुपालकों से अपील करता है कि वे अपने पालतू पशुओं और कुत्तों का समय पर टीकाकरण करवाकर वन्यजीव संरक्षण के इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना सहयोग दें।