नई दिल्ली
नवंबर के शुरुआती 15 दिन सबसे प्रदूषित माने जाते हैं, लेकिन इस साल थोड़ी राहत मिली है। नवंबर के पहले दिन यानी रविवार को औसत एयर AQI 261 रहा। इससे पहले 2021 में यह 281 रहा था। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार आने वाले समय में पराली प्रदूषण बढ़कर 18 से 20 प्रतिशत तक जा सकता है। सफर के फाउंडर डॉ. गुफरान बेग ने बताया कि पराली के केस बढ़े हैं। दिवाली भी आने वाली है। सीएसई की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता राय चौधरी ने बताया कि नवंबर के पहले 10 दिन आसार अच्छे नहीं हैं।
1-15 नवंबर साल के सबसे प्रदूषित दिन
डीपीसीसी के विश्लेषण के अनुसार 1 से 15 नवंबर का समय राजधानी में सबसे प्रदूषित रहता है। इसके बाद दूसरे प्रदूषित दिन में 15 से 31 दिसंबर का समय होता है। 2018 से 2023 के दौरान इन पंद्रह दिनों का औसत एक्यूआई 370 दर्ज किया गया था।
पराली और दिवाली से बढ़ सकती है प्रदूषण की चुनौती
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली के प्रदूषण में पराली से बढ़कर 18 से 20 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। सफर के फाउंडर डॉ. गुफरान बेग के मुताबिक, पराली जलाने के मामले बढ़े हैं और दिवाली भी आने वाली है। ऐसे में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
नवंबर के पहले 10 दिन हवा के लिए चुनौतीपूर्ण
सीएसई की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता राय चौधरी ने बताया कि नवंबर के पहले 10 दिनों में हवा की स्थिति अच्छी रहने के आसार नहीं हैं। डीपीसीसी के विश्लेषण के अनुसार, 1 से 15 नवंबर के बाद 15 से 31 दिसंबर के बीच का समय राजधानी में दूसरा सबसे प्रदूषित दौर होता है। 2018 से 2023 के दौरान नवंबर के इन 15 दिनों का औसत एक्यूआई 370 दर्ज किया गया था।
