हरियाणा में जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, उत्पादन से विपणन तक बनेगी नई कार्ययोजना

राज्य

चंडीगढ़
 हरियाणा सरकार प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती के लिए उपयुक्त कम से कम पांच फसलों की पहचान कर उनके उत्पादन, प्रोत्साहन और विपणन की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें हल्दी, लाल मिर्च और अदरक जैसी फसलों की संभावना भी तलाशी जाएंगी।

शुक्रवार को हुई हाई लेवल मीटिंग
मुख्य सचिव शुक्रवार को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा इससे उत्पादित उपज के प्रमाणन, खरीद और विपणन की समन्वित व्यवस्था विकसित करने के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में उपयुक्त कृषि क्षेत्रों, उत्पादन लक्ष्य, किसानों की भागीदारी, प्रमाणन और बाजार व्यवस्था को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।

फसलवार प्रमाणित डाटा तैयार करने के निर्देश
अनुराग रस्तोगी ने कृषि एवं बागवानी विभाग को प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों तथा किसान समूहों का जिला और फसलवार प्रमाणित डाटा तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें खेती का रकबा, प्रमाणन की स्थिति, अनुमानित उत्पादन और बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध उपज का विवरण होगा।

बैठक में हैफेड के माध्यम से किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने और प्रमाणित उत्पादों के लिए प्रभावी विपणन चैनल विकसित करने पर चर्चा हुई।

साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता, जांच, प्रमाणन और खेत से बाजार तक ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। किसानों के प्रशिक्षण, पंजीकरण और प्रमाणन के लिए मान्यता प्राप्त संस्थाओं से तकनीकी सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए।