धनतेरस पर जयपुर से उदयपुर तक बाजारों में रौनक, 4500 करोड़ के वाहन और 4000 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स बिके

राज्य

जयपुर 
धनतेरस के पावन पर्व पर राजस्थान के बाजारों में खरीदारी का ऐसा ऐतिहासिक उत्साह देखने को मिला जिसने महंगाई के सारे आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। शुक्रवार (6 नवंबर 2026) को शाम होते ही जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा सहित प्रदेश का हर शहर, कस्बा और गांव रोशनी से दमक उठा। व्यापारिक संगठनों के अग्रिम अनुमान के अनुसार, इस धनतेरस पर राजस्थान में लगभग ₹20,000 से ₹21,000 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार हुआ है।

कीमती धातुओं के सर्वकालिक उच्च स्तर और ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। अकेले सोना-चांदी (Gold & Silver) सेक्टर में ₹5,000 करोड़ से अधिक की बिक्री दर्ज की गई।

धनवर्षा का आंकड़ा (राशि करोड़ रुपए)
वाहन: 4500
इलेक्ट्रॉनिक्स: 4000
किराना: 2000
सोने-चांदी: 5000
मिठाई-ड्राई फ्रूट्स: 1500
परिधान: 2000
गिफ्ट आइटम: 1000
बर्तन-पूजन सामग्री: 1200

धनतेरस पर देश में शेयर बाजार से लेकर हर तरफ धनवर्षा हुई है। बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी और देश में सोना-चांदी, बर्तन, पूजा सामग्री, घरेलू उपकरण सहित कपड़ों की खरीदारी इस साल 1.25 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गई। व्यापारियों के संगठन कैट का अग्रिम अनुमान है कि धनतेरस पर सोने-चांदी की 66,000 से 70,000 हजार करोड़ रुपए की खरीदारी हुई, हालांकि यह फाइनल आंकड़ा नहीं है। इसके साथ ही हाई-टेक कंपनियों के शेयर क्रैश होने से भारत विदेशी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश बनकर उभरा। भारतीय शेयर बाजार में लगातार 7वें दिन तेजी रही।

चांदी के सिक्के-बर्तन और सोने की ज्वेलरी की भी जमकर खरीद
सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के मुताबिक, धनतेरस पर करीब 20 हजार किलो चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियां और अन्य गिफ्ट आइटम्स बिके। इसके अलावा करीब 5 हजार किलो ठोस चांदी की बिक्री का अनुमान है। 500 किलो सोने के सिक्के और हैवी ज्वेलरी की भी अच्छी मांग रही। करीब 300 किलो ठोस शुद्ध सोना बिकने का अनुमान है।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचीं 1061 कारें
धनतेरस पर वाहन खरीद का असर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी नजर आया। मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि दिनभर में 1061 कारें और 2 हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन पूजन के लिए पहुंचे। बड़ी संख्या में नए वाहन आने से मंदिर परिसर से लेकर जेएलएन मार्ग तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।

रूप चतुर्दशी और दीपावली की तैयारियां तेज
धनतेरस पर हुई रिकॉर्ड धनवर्षा के बाद अब प्रदेशभर में रूप चतुर्दशी (छोटी दीपावली) और मुख्य दीपावली पर्व की तैयारियां चरम पर हैं। जोधपुर, जयपुर और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में महिलाओं और परिवारों द्वारा शाम को दीप प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना की जा रही है। बाजारों में सजावट, रोशनी और पटाखों की बिक्री के लिए अगले दो दिनों तक इसी प्रकार चहल-पहल बने रहने की उम्मीद है।