बोले- कांग्रेस की ऐतिहासिक गलतियों को अब मत ढोइए, कारसेवकों की आत्माओं से भी मांगिए क्षमा

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रामलला के दर्शन करने संबंधी बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। राजभर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश अयोध्या जाएं तो अपने ‘दिल्ली वाले बड़के भैया’ को भी साथ ले जाएं। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी राजनीति को लेकर सवाल उठाते हुए रामलला के सामने प्रायश्चित करने की बात कही। साथ ही अखिलेश से कारसेवकों की आत्माओं से क्षमा मांगने को कहा।
 
राजभर ने लिखा कि अखिलेश अपने ‘दिल्ली वाले बड़के भैया’ को भी अयोध्या लेकर जाएं, जिनकी मां और पार्टी ने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया था। उनसे कहें कि अयोध्या जाकर अपनी आंखों से देखें कि प्रभु श्रीराम कोई कल्पना नहीं हैं। अयोध्या ही रामलला की जन्मभूमि है और विदेशी आक्रांताओं ने वहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई थी।
 
उन्होंने कहा कि अखिलेश अपने बड़े भाई से यह भी कहें कि कांग्रेस की ऐतिहासिक गलतियों को अब नहीं ढोएंगे और रामलला के सामने सिर झुकाकर अपने पूर्वजों की गलतियों का प्रायश्चित करें।
 
कारसेवकों की आत्माओं से भी क्षमा मांगें अखिलेश
राजभर ने अखिलेश यादव को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि वह रामलला के दर्शन करने जाएं तो उन पूज्य कारसेवकों की आत्माओं से क्षमा जरूर मांगें, जिन पर सपा सरकार के दौरान गोलियां चलवाई गई थीं। मुस्लिम वोटों की राजनीति को लेकर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश ने बहुत टोपी पहन ली और मुसलमानों को भी बहुत ‘टोपी’ पहना ली। आखिर में प्रभु श्रीराम की शरण में ही आना था तो इतनी देर क्यों कर दी।
 
हालांकि, राजभर ने अखिलेश के रामलला के दर्शन करने के विचार को स्वागतयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि देर से ही सही, वह अयोध्या जाएं और रामलला के दर्शन करें। शायद अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचकर राजनीति से ऊपर उठकर कुछ सत्य भी दिखाई दे।
 
इस बार वीडियो देखिए, अगले दीपोत्सव में खुद अयोध्या आइए
राजभर ने अखिलेश यादव को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्थकों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि यह अयोध्या का आखिरी दीपोत्सव था, वे मोटे अक्षरों में नोट कर लें कि अगले वर्ष फिर भव्य और दिव्य दीपोत्सव होगा। लाखों दीप फिर जलेंगे और अयोध्या फिर जगमगाएगी।
 
उन्होंने अखिलेश को इस दीपोत्सव का वीडियो देखने की सलाह देते हुए कहा कि राम की पैड़ी पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। इस जनसैलाब को सिर्फ भीड़ न समझें, बल्कि लोगों की आस्था, उनके चेहरों के भाव और ‘लोक’ की भावना को समझें। राजभर ने कहा, “राम को समझना है तो पहले ‘लोक’ को समझिए। जिस दिन ‘लोक’ समझ में आ गया, उस दिन राम भी समझ में आ जाएंगे।” राजभर ने अखिलेश को अगले दीपोत्सव का न्योता देते हुए कहा कि इस बार वीडियो में देखिए और अगली बार खुद अयोध्या आइए। राम की पैड़ी पर खड़े होकर दीपोत्सव देखिए और उस ‘लोक’ को महसूस करिए।