बिहार में किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी, सब्जी संग्रहण केंद्रों पर गोदाम से लेकर कोल्ड स्टोरेज तक की सुविधा मिलेगी

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पटना
 सहकारिता विभाग द्वारा 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण केंद्र की स्थापित की जाएगी। इसके तहत पहले चरण में 114 पंचायतों में केंद्र निर्माण पर 124 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है।

इन केंद्रों पर किसानों को स्थानीय स्तर पर सब्जियों के संग्रहण, सफाई, छंटाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और भंडारण की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

साथ ही, इन केंद्रों पर ग्रामीण मंडी, सब्जी संग्रहण केंद्र, माप-तौल की सुविधा, वाशिंग एवं क्लीनिंग यूनिट, सार्टिंग-ग्रेडिंग व्यवस्था, पैकेजिंग शेड, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे किसानों को उपज सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

विभाग द्वारा 50 प्रखंडों की प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों में प्रति इकाई एक करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से आधारभूत संरचना के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

इन केंद्रों पर 10 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज, 20 टन क्षमता का गोदाम, खरीद-बिक्री, ग्रेडिंग, सफाई और माप-तौल के लिए शेड, बीज-उर्वरक एवं सब्जी बिक्री केंद्र, बहुउद्देशीय कार्यक्षेत्र और कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना के तहत अब तक 25 समितियों में भूमि उपलब्ध हो चुकी है।

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव के मुताबिक, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) के माध्यम से किसानों को उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।