रांची
जुमे की नमाज के बाद झारखंड में भी कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुए। नूपुर शर्मा को सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों की भीड़ तरह-तरह के नारे लगाने लगी। इस दौरान पत्थरबाजी से निपटने के लिए पुलिस ने आंसू-गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। वहीं, हिंसा के दौरान गोली लगने से घायल 2 लोगों ने दम तोड़ दिया। वे अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, गंभीर जख्म व ज्यादा खून बह जाने की वजह से उनकी मौत हो गई।
इंटरनेट सेवा बंद, प्रभावित इलाके पूरी तरह से सील
झा्ररखंड पुलिस की ओर से बताया गया कि, रांची में हुई हिंसा के बाद पूरे झारखंड में अलर्ट रखा गया है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं, प्रभावित इलाके पूरी तरह से सील कर दिए गए हैं और अब चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है। मेन रोड में सुजाता चौक से अलबर्ट एक्का चौक तक धारा-144 लागू है। इसके अलावा पुलिस ने अराजक तत्वों की तलाश के लिए टीम गठित कर छापेमारी शुरू कर दी है।
बता दें कि, कल यानी शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। पथराव और कई वाहनों को आग लगाने और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। भीड़ में से कुछ लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की। इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पत्थरबाजी में अन्य बलों के भी कई जवानों को चोट लगी। कई आम लोग भी घायल हुए।
आज रिम्स के अधिकारियों ने कहा, "रांची में हुई हिंसा के बाद राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) लाए गए कुल घायलों में से दो लोगों की मौत हो गई है।"
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं
रांची के DIG अनीश गुप्ता ने कहा कि, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं। घटना कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि, प्रशासन का पूरा जोर विधि-व्यवस्था कायम रखने पर है। हम जनता से सहयोग की अपील कर रहे हैं। घटना के पीछे साजिश होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बात जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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