लखनऊ
मानकनगर में बिल्डर ज्ञान सिंह आहलूवालिया की पत्नी बलजीत कौर (47) ने शुक्रवार शाम खुद को पति और बेटी के सामने ही गोली से उड़ा लिया। वह सात साल से डिप्रेशन का शिकार थी और काफी इलाज के बाद भी सहीं नहीं हो रही थी। पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिये रिवाल्वर को भेज दिया है। रिपोर्ट के बाद आगे कार्रवाई होगी। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
कार खरीदने की बात कर कमरे से गई थी
:हरप्रीत के अनुसार मां काफी वक्त से मानसिक अवसाद से परेशान थी। इलाज भी चल रहा था। हरप्रीत के अनुसार दोपहर में वह ड्यूटी से घर लौटी थी, जिसके बाद परिवार संग बैठ खाना खाया था। इस दौरान नई कार खरीदने को लेकर बात भी हुई थी। उस वक्त ऐसा नहीं लग रहा था कि बलजीत ऐसा कदम उठा लेंगी। खून से लथपथ ज्ञान सिंह और बेटी हरप्रीत किसी तरह उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिस्टल केस में छुपा रखी थी चाबी
ज्ञान सिंह के मुताबिक लाइसेंसी असलहे से हादसों के बारे में पढ़ कर वह काफी सजग थे। पत्नी को मानसिक अवसाद था, इसलिए ज्ञान लाइसेंसी रिवॉल्वर लॉकर में रखते थे। बताया कि लॉकर की चाभी वह रोज नई जगह छिपा कर रख देते थे। शुक्रवार उन्होंने चश्मे के केस में चाभी रखी थी। नहीं पता कि बलजीत को चाभी कैसे मिली थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। ज्ञान सिंह की लाइसेंसी पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल परिजनों ने अवसाद के कारण खुदकुशी की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से गोली किस स्थिति में लगी है, यह बात स्पष्ट हो जाएगी।
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