निर्वाचन आयोग आवेदक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने 24 घंटे के भीतर निर्णय लें- हाई कोर्ट

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर
  प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं कि आवेदक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने 24 घंटे के भीतर निर्णय लें। न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी की एकलपीठ ने कहा कि पटवारी की गलत रिपोर्ट के आधार पर मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया, इसलिए न्यायहित में यह जरूरी है कि आवेदक निर्वाचन आयोग को तत्काल एक अभ्यावेदन पेश करे।

कोर्ट ने माना के वोटर लिस्ट से नाम हट जाने से मतदाता का वोट डालने का संवैधानिक अधिकार छिन जाएगा, जोकि अवैधानिक है। कोर्ट ने आयोग को कहा कि अभ्यावेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर उस पर आदेश जारी करें। भेड़ाघाट के वार्ड क्रमांक 11 स्थित लम्हेटाघाट में रहने वाले दिलीप भारती गोस्वामी ने याचिका दायर कर बताया कि वह 2017 से यहां निवासरत है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रवीन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि 23 मार्च 2021 को दिलीप को वोटर कार्ड जारी किया गया। इसके पहले वह चौकीताल, वार्ड क्रमांक-नौ में रहता था और वहां से उसने अपना नाम कटवा लिया था। उन्होंने बताया कि परिषद ने जब चुनाव के लिए 25 मई, 2022 को वोटर लिस्ट जारी की तो उसमें दिलीप का नाम गायब था। उसने तत्काल भेड़ाघाट के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, तहसीलदार को आवेदन किया, लेकिन वह निरस्त हो गया। इसके बाद एसडीओ के समक्ष अपील की, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। इसके बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।

कोर्ट ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद सामान्यत: ऐसी याचिकाओं में अदालत हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन इस मामले के तथ्यों को देखते हुए उसकी शिकायत का निराकरण जरूरी है। निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ हाजिर हुए।
 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry