भावी अग्निवीरों के लिए सरकार के बड़े ऐलान, फिर भी नहीं थमा गुस्सा

देश

नई दिल्ली
 अग्निपथ योजना के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन काफी हंगामे और हिंसक घटनाओं के बीच समाप्त हुआ। शनिवार को केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के जरिए बड़ी घोषणाओं के जरिए युवा आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। सीएपीएफ, असम राइफल्स और रक्षा मंत्रालय में भावी अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान हुआ। डिग्री कार्यक्रम और कौशल विकास प्रशिक्षण देने की भी बात की गई लेकिन, अभी तक कुछ काम नहीं आया। आज के प्रमुख घटनाक्रमों का जिक्र करें तो बिहार फिर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां रेलवे को 200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त 718 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी 138 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। मामला बढ़ता देख केंद्र सरकार ने बिहार बीजेपी नेताओं और डिप्टी सीएम समेत 10 को वाई ग्रेड सुरक्षा देने का ऐलान किया है। शनिवार को भावी अग्निवीरों के हिंसक आंदोलन को शांत करने के लिए सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के जरिए बड़ी घोषणा के साथ आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की, जो अभी कामयाब नहीं हो पाई है। पहले गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में सीएपीएफ और असम राइफल्स में 10-10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही। फिर कुछ देर बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मंत्रालय की नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया।

पुलिस वैरिफिकेशन नहीं हो पाएगा, वायु सेना प्रमुख की चेतावनी
अग्निपथ स्कीम के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच वायु सेना प्रमुख बीआर चौधरी ने आंदोलनकारी युवाओं को आगाह भी किया। कहा कि अगर वे इस हिंसक प्रदर्शन का हिस्सा बनते हैं तो आगामी नौकरी के लिए महत्वपूर्ण कड़ी पुलिस वैरिफिकेशन में पास नहीं हो पाएंगे।
 
खेल मंत्रालय भी आया आगे
केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने घोषणा की कि नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) अग्निपथ योजना के लिए देश भर में एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा, "यह योजना युवाओं को कई तरह से सशक्त बनाती है और एक समृद्ध करियर बनाने की दिशा में एक कदम है।"

अग्निवीरों के लिए डिग्री कार्यक्रम
अग्निवीरों के भविष्य की करियर संभावनाओं को बढ़ाने और उन्हें सिविल क्षेत्र में विभिन्न नौकरी के लिए तैयार करने को शिक्षा मंत्रालय ने रक्षा कर्मियों की सेवा के लिए एक विशेष तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम को इग्नू द्वारा संचालित किया जाएगा।

अग्निवीरों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण
स्किल इंडिया और स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप मंत्रालय (एमएसडीई) सशस्त्र बलों के विभिन्न विंगों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि भावी अग्निवीरों को अतिरिक्त कौशल में भी प्रशिक्षित किया जा सके। उन्हें सिविल नौकरियों के लिए बेहतर अनुकूल बनाया जा सके। अग्निवीरों को सेवा में रहते हुए ही स्किल इंडिया सर्टिफिकेशन मिलेगा, जो उन्हें उद्यमिता और नौकरी में कई विविध अवसरों को पाने में सक्षम बनाएगा।

पुलिस बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता
कई राज्य सरकारों ने घोषणा की है कि चार साल तक सशस्त्र बलों की सेवा करने के बाद, राज्य पुलिस बलों में रिक्त पदों को भरने के लिए अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी। शनिवार को कर्नाटक सरकार ने भी इसकी घोषणा की।

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