भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मेट्रो की समीक्षा बैठक लेने और इस तरफ फोकस करने के बाद इस काम में और तेजी आई है। कंपनी अधिकारियों ने जहां नियमित मॉनीटरिंग शुरू की है, वहीं अब कंस्ट्रक्शन कपंनी ने भी अपने काम मेंं तेजी लाई है। कंपनी को हर माह काम की प्रगति की रिपोर्ट भी देना होगी, इस पर अगली समीक्षा बैठक में चर्चा की जायेगी। राजधानी में मेट्रो परियोजना का काम साल 2018 में शुरू किया गया था।
516 करोड़ का अनुबंध
एमपी मेट्रो ने गुलेरमक-कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को भोपाल मेट्रो का विद्युतीकरण अनुबंध प्रदान कर दिया है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण के 750 वी डीसी 3 रेल विद्युतीकरण के लिए यह अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के दायरे में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए इंजीनियरिंग, आपूर्ति, निर्माण, परीक्षण शामिल किए गए हैं. इसके साथ ही बिजली आपूर्ति प्राप्त करने वाले सब स्टेशन, ट्रैक्शन सब स्टेशन, सहायक सब स्टेशन, 750 वी डीसी 3 रेल और स्काडा सिस्टम भी इसमें शामिल किए गए हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने नवंबर 2021 में 516 करोड़ रु पए की अनुमानित लागत के साथ निविदाएं आमंत्रित की थीं>
रानी कमलापति स्टेशन से जुड़ेगी मेट्रो लाइन
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और डीबी सिटी पर फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को भोपाल मेट्री से जोड़ने की योजना है। स्टेशन के ठीक सामने मेट्रो की लाइन रहेगी। पिलर का काम करीब पूरा हो गया है। ऊपर के स्लैब लगते ही रानी कमलापति स्टेशन से मेट्रो लाइन कनेक्ट हो जाएगी। वहीं डिपो के निर्माण में एक अच्छी बात यह है कि यहां 30 फीसदी हिस्सा ग्रीन रखा जाएगा। इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस के पैरामीटर के आधार पर डिपो का निर्माण हो रहा है। आइजीबीसी को ड्राइंग भी सबमिट की गई है।
एक नजर में काम
65.25 एकड जमीन पर बनाई जानी है मेट्रो की डिपो
430 करोड से इसी रूट पर शुरू हुआ था 8 स्टेशन का निर्माण
1000 करोड रुपए है मेट्रो के तीनों कामों की कुल लागत
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

