नई दिल्ली मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को फ्लोर टेस्ट करने के राज्यपाल के आदेश को शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु की ओर से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आदेश के खिलाफ अर्जी दाखिल की गई है। शिवसेना की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रखेंगे। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि राज्यपाल के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है और शीर्ष अदालत इस मामले में दखल दे। फ्लोर टेस्ट के आदेश का विरोध करते हुए संजय राउत ने कहा कि यह फैसला असंवैधानिक है और इसके जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
संजय राउत ने कहा, 'अभी तो 16 विधायकों की अयोग्यता का ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उससे पहले फ्लोर टेस्ट का आदेश देना गलत है और पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा गवर्नर हाउस से राजनीति करवा रही है।' इस बीच एकनाथ शिंदे गुट ने भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए मुंबई पहुंचने का ऐलान किया है। हालांकि इससे पहले सभी विधायकों के आज गोवा के ही ताज होटल में ठहरने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि इसके पीछे यह रणनीति है कि ऐन मौके पर ही विधायक पहुंचें ताकि उन्हें तोड़ा ना जा सके।
बता दें कि राज्यपाल ने चिट्ठी लिखकर 30 जून को सुबह 11 बजे विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाकर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। उन्होंने विधानसभा सचिव राजेंद्र भागवत को लिखे पत्र में कहा कि 7 निर्दलीय विधायकों से मिले ईमेल और नेता विपक्ष की ओर से दी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सीएम उद्धव ठाकरे बहुमत खो चुके हैं। ऐसे में फ्लोर टेस्ट जरूरी लगता है और इसके लिए 30 जून को विधानसभा का सेशन बुलाया जाए। यही नहीं अपने पत्र में उन्होंने कहा कि फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया 30 जून को शाम 5 बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
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