यमुनानगर
गेहूं की बोरियों पर पानी छिड़ककर वजन बढ़वाने के मामले में फरार चल रहे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के फूड इंस्पेक्टर कपिल जाखड़ ने अब गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई है। जिस पर सात जुलाई को सुनवाई होनी है। इससे पहले भी इंस्पेक्टर ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन यह खारिज हो गई थी। इस मामले में एक अन्य आरोपित चौकीदार अजीत कुमार ने भी जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। उसकी भी याचिका खारिज हो चुकी है।
जिस समय फूड इंस्पेक्टर कपिल जाखड़ ने जून माह में जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, तो पुलिस ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। याचिका को लेकर आरोपित के अधिवक्ता व पुलिस के बीच बहस हुई। आराेपित के अधिवक्ता ने कोर्ट में फूड इंस्पेक्टर को फंसाने व गेहूं में नमी होने जैसी दलीलें दी। पुलिस ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें अनाज मंडी जगाधरी से 27 कट्टे ऐसे मिले है, जिनकी सिलाई हाथ से की गई थी। उन कट्टों का वजन भी कम था। जबकि सरकारी कट्टों में गेहूं का वजन 50 किलोग्राम होता है।
सीएम फ्लाइंग की रेड में पकड़े गए मजदूरों ने भी फूड इंस्पेक्टर कपिल जाखड़ व चौकीदार अजीत कुमार के कहने पर गेहूं पर पानी का छिड़काव करने की बात कही है। मंडी में रखे सरकारी गेहूं को खुर्दबुर्द करके सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके लिए इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करके रिमांड पर लेना जरूरी है। वहीं तब लिए गए गेहूं के सैंपल की रिपोर्ट में सामने आया है कि पानी का छिड़काव करने से उसमें नमी की मात्रा तीन प्रतिशत ज्यादा है। सेक्टर-17 थाना एसएचओ जसबीर सिंह का कहना है कि आरोपित इंस्पेक्टर कपिल जाखड़ ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। जिस पर सात जुलाई को सुनवाई होनी है। चौकीदार की तलाश की जा रही है।
यह था मामला
11 जून को सीएम फ्लाइंग ने अनाजमंडी जगाधरी में रेड की थी। वहां पर तीन मजदूर टैंकर में पाइप लगाकर गेहूं के कट्टों पर पानी डालकर उसका वजन बढ़ा रहे थे। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मजदूरों ने पूछताछ बताया था कि वह फूड इंस्पेक्टर कपिल जाखड़ व चौकीदार अजीत कुमार के कहने से कट्टों पर पानी डाल रहे थे। पुलिस ने मामले में धाेखाधड़ी व साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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