मोहम्मद जुबैर के खातों में 4000 से अधिक खातों से ट्रांसफर!

देश

नई दिल्ली
 चार साल पहले किए गए एक ट्वीट पर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे ऑल्ट न्यूज (Alt News) के सह-संस्थापक मोहम्म्द जुबैर (Mohammad Zubair) के केस में ईडी (Enforcement Directorate) की एंट्री भी हो सकती है। 27 जून को मोहम्मद जुबैर को अरेस्ट किया गया था। अब मोहम्मद जुबैर के खाते में विदेशों से आए धन की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय जल्द जांच शुरू कर सकता है। दावा यह किया जा रहा है कि मोहम्मद जुबैर के खाते में चार हजार से अधिक लोगों ने अलग-अलग माध्यम से 55 लाख रुपये से अधिक रुपये भेजे हैं। बैंक डिटेल लेने के बाद पुलिस पैसा भेजने वालों की प्रोफाइल का पता लगा रही है।

विभिन्न माध्यमों से हुए हैं ट्रांजैक्शन्स

दिल्ली पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान Razorpay Payment gateway की तरफ से मिले जवाब से पता चला है कि इससे कई ट्रांजेक्शन हुए हैं। इनमें विदेशी मोबाइल नंबर या आईपी एड्रेस विदेशी थे। ये मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस बैंकॉक, वेस्टर्न, ऑस्ट्रेलिया, मनामा, नॉर्ट हॉलैंड, सिंगापुर, विक्टोरिया, न्यू यॉर्क, इंग्लैंड, रियाध रीजन, शारजाह, स्टॉकहोल्म, आईची, सेंट्रल एंड वेस्टर्न, ईस्टर्न प्रोविंस, अबू धाभी, वाशिंगटन, कंसास, न्यू जर्सी, ओंटारियो, कैलिफ़ोर्निया, एसएस, लोअर सैक्सनी, बर्न, दुबई, ऊसीमा, स्कॉटलैंड के निकले। प्रावदा मीडिया को कुल 2 लाख 31 हजार 933 रुपये मिले है।

चार साल पहले किए गए ट्वीट पर हुई है गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, हनुमान भक्त @balajikijaiin नाम के एक ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, मोहम्मद जुबैर नाम के एक ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट किया गया था। यह पोस्ट चार साल पहले किया गया था। इस पोस्ट में उन्होंने '2014 से पहले: हनीमून होटल' पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें दो तस्वीरें थीं जिसमें उन्होंने '2014 से पहले: हनीमून होटल'और 2014 के बाद: हनुमान होटल'का पोस्ट किया था। तस्वीर (ट्वीट में) में 'हनीमून होटल' के साइनबोर्ड को बदलकर 'हनुमान होटल' दिखाया गया। यह ट्वीट 2018 का है।

हनुमान भक्त ने की शिकायत और फिर प्रोफाइल डिलीट

हनुमान भक्त @balajikijain ने ट्वीट किया, "हमारे भगवान हनुमान जी को हनीमून से जोड़ना हिंदुओं का सीधा अपमान है क्योंकि वह ब्रह्मचारी हैं। कृपया इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई करें। हनुमानभक्त नामक हैंडल से शिकायत करने के बाद जब पुलिस ने मोहम्मद जुबैर को अरेस्ट कर लिया तो उसके अगले दिन ही ट्वीटर हैंडल को डिलीट कर दिया गया।

इन धाराओं में किया गया है केस

जुबैर पर आईपीसी की धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 153ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। लेकिन बाद में पुलिस ने अदालत को बताया कि मोहम्मद जुबैर पर सबूतों को नष्ट करने, विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम या एफसीआरए की धाराओं को बढ़ाया गया है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry