सी.जे.आई. की टिप्पणी से सियासत में आया भूचाल, प्रधान न्यायाधीश की राजनैतिक दलों को फटकार – रिजवी

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर
मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि देश के प्रधान न्यायाधीश ने अपने अनुभव एवं संविधान का हवाला देते हुए जो कथन दिया है जिसके अनुसार राजनैतिक दल चाहते हैं कि उनकी इच्छानुसार न्यायपालिका चले। यह कुछ दलों की सौदागर मानसिकता को दशार्ता है जो कदापि उचित नहीं है। देश के प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना की बेबाक टिप्पणी यह सिद्ध करती है कि न्यायपालिका को खरीदने की प्रवृत्ति इन दिनों कुछ फैसलों से उजागर होती नजर आ रही है जो संविधान एवं मानवता के विपरीत है।

रिजवी ने कहा है कि सी.जे.आई. की टिप्पणी से न्यायपालिका एवं राजनैतिक दलों की आंख खुल जाना चाहिए तथा अवैधानिक फैसला चाहने वाले दलों को यह एक तरह से तगड़ी फटकार है। उन्होंने अपने मातहत पीठासीन अधिकारियों को सजग करते हुए समझाईश भी दे दी है तथा सही रास्ते पर विधानानुसार चलने या किसी के दबाब में न आने की हिदायत भी दे दी है। प्रधान न्यायाधीश माननीय एन.वी. रमना की निष्पक्षता एवं ईमानदार सोच को उजागर करती है। स्पष्ट है कि कुछ राजनैतिक दल विभिन्न प्रकरणों में स्वार्थ सिद्धि का फैसला चाहते है जिसे सी.जे.आई. का देशवासियों के साथ-साथ न्यायपालिकों को देशहित में सजग रहने का इशारा भी है। कुछ भ्रष्ट पीठीसीन अधिकारियों ने न्यायपालिका को खरीद फरोख्त का बाजार समझ रखा है। आज देश की न्यायपालिका की साख को बनाए रखने की महती आवश्यकता है। सी.जे.आई. ने सियासी दलों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सी.जे.आई. की टिप्पणी के पीछे वर्तमान हालात एवं अनुभव छिपा हुआ प्रतीत होता है। यह राजनैतिक दलों के लिए खतरे की घंटी भी है तथा न्यायपालिका को केवल संविधान के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry