समाज ने किया नरेश गंगवाल को समाज रत्न उपाधि से सम्मानित सिद्धचक्र मंडल विधान का हवन-प्रभावना जुलूस के साथ समापन

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धार
7 जुलाई से धार में चल रहे सिद्धचक्र मंडल विधान का 14 जुलाई को समापन अवसर पर दिगम्बर जैन समाज धार ने लाभार्थी परिवार के मुखिया नरेश गंगवाल को समाज रत्न की उपाधि से सम्मानित किया। समाज अध्यक्ष अशोक कासलीवाल ने नरेश गंगवाल व उनके परिवार का समाज के हर कार्य में अग्रणि रहने तथा सिद्धचक्र मंडल विधान के प्रारंभ से लेकर अंत तक लाभार्थी बनने का ब्यौरा देते हुए उनका शाल, श्रीफल, माला व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही उन्हें समाज की और से अभिनंदन पत्र भी भेंट किया। अभिनंदन पत्र का वाचन समाज सचिव राजकुमार रावका ने किया। अभिनंदन पत्र भेंट करने के दौरान समाज के पदाधिकारी, महिला मंडल, युवा संगठन, युथ क्लब, सोशल ग्रुप बाहुबली, महिला महासमिति के सदस्यगण मौजूद थे।

समाज  द्वारा भी पदाधिकारियों, संस्थाओं, सदस्यों ने इस कार्य को पूरा करने में अपना तन, मन से पूरा सहयोग प्रदान किया। बाहर से आए लाभार्थी परिवार के रिश्तेदार व अन्य मिलने वालों ने भी मंडल विधान में भाग लिया। उनके ठहरने से लगाकर भोजन आदि की व्यवस्था व पूजन में बैठने की व्यवस्था भी मिलन महल परिसर में जिसे पूजा स्थल बनाया गया था वहां पर की गई थी। गुरुवार को समापन के अंतिम दिवस विधानाचार्य तरूण भैया इंदौर ने हवन, पूजन और प्रभावना जुलूस के साथ मंडल विधान का समापन कराया। इस अवसर पर विधानाचार्य जी का सम्मान व संगीत पार्टी सचिन तन्मय भोपाल का भी सम्मान किया गया।

समाज की संस्थाओं व कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त सभी के सहयोग के प्रति लाभार्थी परिवार ने आभार माना। इस मंडल विधान आयोजन के लिए पिछले दो माह पूर्व से तैयारियां चल रही थी। सिद्धचक्र मंडल विधान का आयोजन लगभग 12 वर्ष बाद यहां पर हुआ है। शांतिधारा का लाभ सतीश कुमार सेठी कोपरगांव, रमेशचंद्र हरदा, अजीत कुमार प्रवीण कुमार लोहाड़े, राजेश बज धरमपुरी एवं विनय कुमार ललीत कुमार बड़नगर वालों को मिला। आरती का लाभ नरेन्द्र मेडिकल खातेगांव वालों ने लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रभावना जुलूस  में पालकी में विराजित श्रीजी विराजमान थे। उन्हें यहां दिगम्बर जैन शांतिनाथ मंदिर लाया गया और उन्हें पुन: अपने स्थान पर विराजित किया गया।

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