नई दिल्ली
धार्मिक भावना बिगाड़ने के आरोप में पुलिस की हिरासत में लिए गए फैक्ट चेकर वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के पत्रकार मोहम्मद जुबैर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देश की शीर्ष अदालत ने मोहम्मद जुबैर को अंतरिम जमानत देते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। बता दें कि मोहम्मद जुबैर के वकील ने बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के आदेश के बाद मोहम्मद जुबैर को आज शाम 6 बजे तक रिहा किया जा सकता है।
बुधवार सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद जुबैर के मामले में कहा कि उन्हें अंतहीन समय तक हिरासत में बनाए रखना उचित नहीं है। इसके अलावा अदालत ने मोहम्मद जुबैर के खिलाफ यूपी में दर्ज सभी FIR को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया। यूपी में दर्ज मामलों के दिल्ली ट्रांसफर होने के साथ ही इस केस में यूपी सरकार की ओर से बनाई गई एसआईटी को भी भंग कर दिया।
सभी केस मिलते-जुलते, इसलिए एकसाथ हो कार्रवाई-
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली की कोर्ट से अलग-अलग केस में बेल के बाद भी याचिकाकर्ता अभी भी कई मामलों में उलझा है। हम बाकी सभी मामलों में याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत दे रहे हैं। यूपी के केस दिल्ली में ट्रांसफर किए जाने के मामले में कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में दर्ज केस और यूपी में दर्ज केस मिलते-जुलते हैं। इसलिए सभी केसों में एकसाथ कार्रवाई हो।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि यूपी में दर्ज सभी एफआईआर में 20,000 रुपये के मुचलके पर मोहम्मद जुबैर को बेल मिल जाएगी। मोहम्मद जुबैर के खिलाफ यूपी में 6 केस दर्ज थे, जिनमें वह लगातार पुलिस की हिरासत में बने हुए थे। धार्मिक वैमनस्यता फैलाने के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज किए थे। गौरतलब है कि यूपी सरकार ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में मोहम्मद जुबैर को बेल दिए जाने का विरोध किया था। यूपी सरकार का कहना था कि मोहम्मद जुबैर ने जानबूझकर नफरत फैलाने वाले ट्वीट किए थे और वे आदतन अपराधी रहे हैं।
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