भोपाल
प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की टीम फीसड्डी साबित हो रही है। सोमवार को 30 प्रवक्ताओं सहित मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा सहित बाकी के उपाध्यक्षों को सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर नम्बर दिए गए हैं। अधिकांश प्रवक्ता 100 में से पासिंग नम्बर तक नहीं ला सके। अब सभी को तीन महीने का अल्टीमेटम दिया गया है। इस दौरान प्रदर्शन बेहतर नहीं किया तो पद से बेदखल कर दिया जाएगा।
कमलनाथ ने 17 जून को अपने बंगले पर प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में उन्होंने साफ कर दिया था कि मीडिया टीम के सभी का हर महीने मूल्यांकन किया जाएगा। इस मूल्यांकन का पहला रिजल्ट अब सामने आया है। जिसमें मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा को 26 प्रतिशत अंक मिले हैं। जबकि प्रवक्ताओं में मिथुन अहिरावार को सबसे ज्यादा 91 प्रतिशत अंक मिले हैं। बताया जाता है कि 30 में से 6 प्रवक्ताओं को शून्य मिला है। इन्होंने सोशल मीडिया पर कोई काम ही नहीं किया।
अभय तिवारी का था प्लान
बताया जाता है कि कांग्रेस आईटी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अभय तिवारी ने कमलनाथ के बंगले पर पिछले महीने हुई बैठक में निर्देश दिए थे कि पीसीसी चीफ और एमपी कांग्रेस के ट्वीट को मीडिया विभाग के सभी लोग रि-ट्वीट करेंगे। सभी प्रवक्तओं को मीडिया कॉडिनेटर पीयूष बबेल ने नंबर बताए।
नरोत्तम मिश्रा का तंज
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का मूल्यांकन कमलनाथ करवा रहे हैं। जबकि कमलनाथ का यदि मूल्यांकन हो जाए तो वे भी फैल हो जाएंगे। यह प्रदेश कांग्रेस नहीं अब कमलनाथ कांगे्रेस हो गई है।
तीन महीने का अल्टीमेटम
कमलनाथ की ओर से मीडिया विभाग की टीम को अल्टीमेटम भी दे दिया गया है। सभी को तीन महीने के अंदर अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की हिदायत दी गई है। नंबर कम पाने वालोें में मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता, अजय यादव, अब्बास हफीज, संगीता शर्मा और विभा डागोर शामिल हैं। इनमें से किसी के भी प्रदर्शन से कमलनाथ संतुष्ट नहीं हैं। वहीं प्रवक्ताओं में भी अधिकांश के नंबर 50 से कम आए हैं। इनमें से 6 प्रवक्तओं के नंबर 0 रहे हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

