पानीपत
पानीपत में बिजली निगम की आधारभूत संरचना को पंख लगने वाली है। केंद्र सरकार से 60 प्रतिशत मदद की मंजूरी मिल गई है। निगम 40 प्रतिशत खर्च अपने फंड से करेगा। निगम के प्रस्ताव और एस्टीमेट को केंद्र ने हरी झंडी भी दे दी है। आधारभूत संरचना के मजबूत होने से जिले वासियों को वितरण में आने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जिले में 687 फीडरों से 3.52,539 उपभोक्ताओं को सप्लाई दी जा रही है। बिजली की खपत बढ़ने से कई फीडर व ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। केबल की क्षमता कम होने से सप्लाई में फाल्ट आता है। कर्मचारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी परेशानी होती है। बार-बार लाइन ट्रिप करने और ब्रेकडाउन होने से लाइन लास बढ़ता है। उपभोक्ताओं के काम धंधे पर व्यापक असर पड़ता है।
निगम से मिली मंजूरी
केबल, ट्रांसफार्मर सहित ओवरलोड फीडरों के लोड को दो भागों में करने से सप्लाई की गुणवत्ता में सुधार होगा। लोगों को अधिक से अधिक बिजली सप्लाई मिलेगी। इंडस्ट्रियल, कमर्शियल, घरेलू, स्वतंत्र सभी फीडर के सर्वे कराने के बाद निगम ने एस्टीमेट तैयार कर केंद्र व निगम के उच्चाधिकारियों को भेजा है, जहां से मंजूरी मिल गई है।
मजबूती के लिए होने वाले कार्य
85 ओवर लोड ट्रांसफार्मर लोड होगा शिफ्ट, 84 फीडरों के बदलने जाएंगे तार व केबल, ओवर लोड ट्रांसफार्मरों के पास 191 अतिरिक्त सहित 476 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे, 331 किलोमीटर नई लाइन बिछाई जाएगी। 164 किलोमीटर लाइन की तार बदलकर अपग्रेड किया जाएगा। अधिक क्षमता के तार व केबल लगाए जाएंगे। वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 124 ट्रांसफार्मरों की दोबारा अर्थिंग की जाएगी।
बिजली की संरचनाओं को संवारा जाएगा
अधीक्षण अभियंता डीएस छिक्कारा ने बताया कि 85 करोड़ से बिजली की संरचनाओं को संवारा जाएगा। तीन सालों में तीन चरणों में प्राथमिकता के आधार पर उक्त काम होंगे। निगम और केंद्र के आपसी सहयोग से इसे पूरा किया जाएगा।
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