नई दिल्ली
आजादी की 76वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों से महिलाओं के सम्मान को लेकर संकल्प लेने की बात कही। महिलाओं के सम्मान की देशवासियों से अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमे संकल्प लेना होगा कि हम महिलाओं को लेकर किसी भी तरह के अपशब्द नहीं कहना है। पीएम ने कहा कि जानता हूं कि यह लाल किले का विषय नहीं है, लेकिन मेरे भीतर का दर्द मैं कहां कहूं, देशवासियों के सामने नहीं कहूंगा तो कहां कहूंगा। इसे भी पढ़ें- स्वतंत्रता दिवस: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने बताए कौन सी पांच प्रण? प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं लाल किले से मेरी पीड़ा कहना चाहता हूं कि किसी ना किसी कारण हमारे अंदर ऐसी विकृति आई है, हमारे बोलचाल में, हमारे व्यवहार में, हम नारी का अपमान करते हैं।
क्या हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं। नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बहुत बड़ी पूंजी बनने वाला है। यह सामर्थ्य मैं देख रहा हूं इसलिए मैं इस बात का आग्रह कर रहा हूं। गौर करने वाली बात है कि हाल ही में जिस तरह से कथित भाजपा नेता श्रीकांत त्यागी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे वह महिला के साथ अभद्रता कर रहे हैं उन्हें अपशब्द कह रहे हैं उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्र में जनप्रतिनिधि के तौर पर हमारी नारी शक्ति अपने गांव की समस्याओं को सुलझाने में लगी है। ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में हमारी नारी शक्ति सिरमौर नजर आ रही है। पुलिस के क्षेत्र में देखें, खेलकूद के मैदान को देखें, देश की नारी शक्ति आगे आ रही है। हमे नारी शक्ति पर जितना ध्यान देंगे, जितने ज्यादा अवसर बेटियों को देंगे, जितनी सुविधाएं बेटियों को देंगे, आप देखना वह हमे बहुत कुछ लौटाकर देंगी। इस अमृत काल के सपने को पूरा करने में जो मेहनत में लगने वाली है उसमे अगर नारी शक्ति जुड़ जाएगी तो हमारे सपने और तेजस्वी होगी।
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