हरियाणा सरकार ने रतिया के भविष्य का खाका किया तय, सड़क और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर

राज्य

चंडीगढ़
 हरियाणा सरकार ने फतेहाबाद जिले के रतिया शहर के लिए वर्ष 2041 तक का नया विकास खाका जारी कर दिया है। प्रस्तावित प्रारूप विकास योजना के तहत रतिया को आने वाले वर्षों की आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी की गई है।

सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2041 तक रतिया की आबादी दो लाख के करीब पहुंच सकती है, जिसके अनुरूप शहर के विस्तार, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और औद्योगिक विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।

नोटिफिकेशन के अनुसार, इस योजना पर लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं। तय अवधि के भीतर प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।

2011 की तुलना में कई गुना आबादी का अनुमान
योजना दस्तावेज के अनुसार वर्ष 2011 में रतिया की आबादी 37,152 दर्ज की गई थी। प्रक्षेपण के आधार पर 2021 में यह 65 हजार से अधिक और वर्ष 2041 तक करीब 2.02 लाख पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

इसी संभावित दबाव को देखते हुए विकास योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि कृषि आधारित गतिविधियों, व्यापार और बढ़ती शहरी जरूरतों के कारण आने वाले वर्षों में रतिया का स्वरूप तेजी से बदलेगा।

1667 हेक्टेयर क्षेत्र के हिसाब से होगी प्लानिंग
प्रारूप विकास योजना में शहर के लिए कुल 1667 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। सरकार ने 634 हेक्टेयर आवासीय क्षेत्र के लिए, 116 हेक्टेयर वाणिज्यिक, 296 हेक्टेयर औद्योगिक, 193 हेक्टेयर परिवहन व संचार, 122 हेक्टेयर सार्वजनिक उपयोगिताएं, 101 हेक्टेयर सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग तथा 205 हेक्टेयर भूमि खुले स्थान और हरित क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई है।

योजना में सड़क ढांचे को भी विस्तार देने का प्रस्ताव है। शहर के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने के लिए नई परिधीय सड़कें और सेक्टर सड़कें प्रस्तावित की गई हैं। प्रमुख सड़कों के साथ हरित पट्टी और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौड़ाई का भी प्रावधान किया गया है। योजना में परिवहन और संचार उपयोग के लिए अलग क्षेत्र आरक्षित किया गया है ताकि बढ़ती आबादी के साथ ट्रैफिक और आवाजाही की चुनौतियों को नियंत्रित किया जा सके।

पानी, बिजली और सार्वजनिक सेवाओं का भी रोडमैप
दस्तावेज में जल आपूर्ति, सीवरेज, ग्रिड सब-स्टेशन और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए भी अलग क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जलापूर्ति और विद्युत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थान आरक्षित किए गए हैं।

इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक संस्थानों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं ताकि शहर का विकास केवल आबादी बढ़ाने तक सीमित न रहे बल्कि सुविधाओं के साथ संतुलित ढंग से आगे बढ़ सके।

लोगों से मांगे गए सुझाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारूप योजना है और अंतिम अधिसूचना से पहले नागरिक, संस्थाएं और अन्य हितधारक अपने सुझाव और आपत्तियां दे सकेंगे। इन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परखा जाएगा। रतिया के लिए जारी यह विकास खाका आने वाले डेढ़ दशक की शहरी दिशा तय करेगा और इससे शहर के नियोजित विस्तार, निवेश तथा बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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