चंडीगढ़: 5 दिन तक होंगे कार्यक्रम, कलाकार बप्पा की मुर्तियां बनाने में जुटे, लोगों में खरीदारी का क्रेज

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इस बार 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। त्योहार को लेकर चंडीगढ़ में भी तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के मंदिरों में बप्पा की मुर्तियां सजने लग गई हैं और बाजारों में भी भगवान गणेश की मुर्तियों की खरीदारी शुरू हो गई है। वहीं गणपति की मूर्तियों को बनाने में कलाकार जुट गए हैं। दूसरे राज्यों के कलाकार गणपति की मुर्तियां बना रहे हैं। वहीं लोग भी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। चंडीगढ़ में दूसरे शहरों और राज्यों के लोग भी बड़ी संख्या में मुर्तियों की खरीदारी करने के लिए आते हैं।

चंडीगढ़ में इस बार गणेश चतुर्थी पर सबसे बड़ा कार्यक्रम सेक्टर-19 के महाराष्ट्र भवन में होगा। जहां पर 5 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गणपति मूर्ति की स्थापना 31 अगस्त शाम पांच बजे होगी। इसके बाद पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना के साथ त्योहार को मनाया जाएगा।

गणपति मूर्ति स्थापना के बाद एक सितंबर को श्रद्धाजंलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारतीय संगीत के दिग्गज रहे लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी से लेकर विभिन्न गायकों को याद किया जाएगा। श्रद्धाजंलि समारोह में भगवान गणति की पूजा के साथ उनके गाए गए गीतों को भी पेश किया जाएगा। 2 सितंबर को आनंदमेला कार्यक्रम होगा, जिसमें भगवान गणपति के विभिन्न रूपों को पेश किया जाएगा। 3 सितंबर को वैरायटी प्रोग्राम होगा, जिसमें मराठी गायन, वादन और नृत्य से लेकर गुजराती, पंजाबी और हरियाणवी संस्कृति को एक स्थान पर पेश किया जाएगा। गणपति विर्सजन चार सितंबर को शाम चार बजे किया जाएगा।

हर रोज शाम आठ से दस बजे तक होगा कार्यक्रम
महाराष्ट्र भवन सेक्टर-19 में होने वाले कार्यक्रम के बारे में एग्जीक्यूटिव मेंबर एमबी साने ने बताया कि गणेश चतुर्थी के सभी कार्यक्रम शाम आठ से दस बजे तक आयोजित होंगे जिसमें सभी लोग शामिल हो सकते हैं। कोरोना महामारी के दो सला बाद त्योहार को लेकर लोग काफी उत्साहित हैं। क्योंकि दो वर्ष तक इस त्योहार को एक बार फिर से हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस बार महाराष्ट्र भवन में स्थापित होने वाली गणपति बप्पा मूर्ति की ऊंचाई 36 ईंच रहेगी और मूर्ति ईको फ्रेंडली होगी।

विभिन्न स्थानों पर बनने लगी गणपति की मूर्तियां
गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों में गणपति मूर्ति निर्माण शुरू हो गया है। शहर में कालीबाड़ी मंदिर सेक्टर-47 के अलावा माता वैष्णो देवी मंदिर सेक्टर-31 में भी कलाकार मुर्तियां बनाने में जुटे हुए हैं। इसी प्रकार से जीरकपुर में स्टैच्यू आर्ट की तरफ से भी बड़ी मात्रा में भगवान गणपति मूर्तियां बनाई जा रही हैं।

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