जबलपुर
जबलपुर के राईट टाउन मे स्थित सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल का लायसेंस निरस्त कर दिया है साथ ही उस होटल को भी सील कर दिया है जहाँ की आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जी ईलाज चल रहा था। वही लार्डगंज थाना पुलिस ने डाक्टर अश्विनी पाठक और उनकी पत्नी दुलिता पाठक को गिरफ्तार कर जिला कोर्ट मे पेश किया जहाँ दोनों को कोर्ट ने पूछताछ के लिए 1 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।
सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की जाँच मे स्वास्थ्य विभाग ने पाया है कि जिस होटल मे अस्पताल चल रहा था वह पूरी तरह से इन्लीग्ल था। इसके अलावा बिल्डिंग शासन से पंजीकृत नहीं थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि जो मरीज आयुष्मान योजना के तहत भर्ती थे वो इस लायक नहीं थे कि उन्हें भर्ती किया जाए। इसके अलावा क्वालिफाइड डाक्टर भी नहीं थे। CMHO ने बताया कि 16 अगस्त को सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल को नोटिस जारी कर कहा गया था कि 20 अगस्त को फायर एनओसी निरस्त हों रही है पर उन्होंने उसको रिन्यू नही करवाया। शासन को गुमराह करते हुए शासकीय योजना का दुरपयोग करने वाले दंपति डाक्टर अश्विनी पाठक और उनकी पत्नी दुलिता पाठक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्वास्थ विभाग के साथ संयुक्त रूप से जाँच कर रही पुलिस को भी कई खामिया मिली है।
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