भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस और जेल अब तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में अब ई-कोर्ट व्यवस्था को लेकर मंथन में तेजी आने जा रही है। इसके लिए विभिन्न बिंदुओं पर डीजीपी समेत सात अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट पर सोमवार को मंत्रालय में इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इधर केंद्रीय, जिला और उपजेलों से टेलीग्राम के जरिए संदेश आने पर होने वाली रिहाई पर अब रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश में ई-कोर्ट व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डीजीपी सहित तीन डीजी और तीन एडीजी रैंक के अफसरों से विभिन्न बिंदुओं पर शासन ने जानकारी मांगी है। वहीं इस संबंध में मंत्रालय में जल्द ही बैठक होने वाली है। इस बैठक से पहले यह जानकारी गृह विभाग तक इन अफसरों को पहुंचाना होगी।
डीजीपी के साथ ही डीजी जेल, डीजी लोक अभियोजन संचालनालय के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीटीआरआई और निर्देशक राज्य फॉरेसिंक विज्ञान को इस संबंध में जानकारी देने का कहा गया है। दरअसल 22 जनवरी को एक बैठक हुई थी। जिसमें ई-कोर्ट व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए के लिए विभिन्न पहलुओं और परियोजनाओं पर अफसरों को अपने सुझाव देने को कहा गया था। इस संबंध में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक पत्र राज्य शासन को हाल ही में भेजा है। इस पत्र में बाद ई-कोर्ट के प्रोजेक्टस और लंबित आईटी के मामलों के संबंध में अब तेजी लाने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसके तहत सोमवार को मंत्रालय में बैठक होगी। बैठक से पहले इन सभी अफसरों के ई-कोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करना होगी।
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