जबलपुर
जबलपुर जिले में शहपुरा शाखा के अंतर्गत रघुवीर श्री गोदाम में रखी गई धान की अफरा-तफरी करने का मामला सामने आया है। यहां रखी एक करोड़ 31 लाख 29 हजार रुपए की 6767 क्विंटल धान गायब हो गई। भंडार गृह निगम के प्रबंध संचालक दीपक सक्सेना ने जबलपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर गोदाम संचालक पर कार्यवाही करने और उसको ब्लैकलिस्टेड करने के निर्देश दिए है।
शिकायत मिलने पर श्री गोदाम का भौतिक परीक्षण कराया गया तो उसमें यह खुलासा हुआ। प्रबंध संचालक ने इस मामले में शाखा प्रबंधक गाडरवारा एसएस कुशवाहा और सिवनी शाखा प्रबंधक एसके उपाध्याय और भेड़ाघाट शाखा प्रबंधक प्रियंका पठारिया की टीम बनाकर धान का भौतिक सत्यापन और जांच करने को भेजा था। जांच के दौरान गोदाम में तुअर और मूंग की बोरियां बराबर पाई गई। गेहूं की 190 बोरी अधिक मिली जबकि धान की 16 हजार 919 बोरियां कम मिली। चने की भी 31 बोरी कम मिली है। जांच के दौरान स्टाक फैला पड़ा था और गोदाम से लोडिंग और पाला भराई का काम चल रहा था। जिसके चलते भौतिक सत्यापन दो सितंबर को नहीं किया जा सका था। इसके बाद 11 सितंबर को पुन: जांच कराई गई।
गेहूं की बोरियों में हैवी आटा फार्मेशन देखा गया। गोदाम संचालक के द्वारा बार बार मांगने पर भी स्टाक की वर्तमान स्थिति का प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही कोई सहयोग किया गया। भौतिक सत्यापन डब्ल्यूएलसी शाखा शहपुरा के स्टाक रजिस्टर की पोजीशन के आधार पर किया गया। और भी कई अनियमितताएं यहां पाई गई। जांच प्रतिवेदन के मुताबिक जो 16 हजार 919 धान की बोरियां यहां गायब मिली है, यह एक करोड़ 31 लाख रुपए की है।
गोदाम में रखी सरकारी धान की अफरा-तफरी के लिए गोदाम संचालक और अन्य दोषियों के खिलाफ थाने में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश एमडी ने दिए है। इसमें अनुबंध का उल्लंघन करने के लिए गोदाम संचालक को ब्लैकलिस्टेड करने के भी निर्देश दिए गए है।
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