बुरहानपुर.
खबर बुरहानपुर के नेपानगर से है. यहां एक परिवार में बेटी का जन्म जश्न में बदल गया. पापा मम्मी तो खुश हुए ही, दादा दादी भी पोती के होने पर झूम उठे. बहू जब बेटी को लेकर घर आयी तो पूरे ससुरालवालों ने फूल बरसाकर उसका स्वागत किया. नन्ही परी का स्वागत ढोल, नगाड़ा और आतिशबाजी से किया. ऐसा करके परिवार ने बेटा-बेटी एक समान होने का संदेश दिया है.
नेपानगर के बुधवारा मार्केट में रहने वाले चौकसे परिवार में नन्ही परी ने जन्म लिया है. वो हुई तो महाराष्ट्र में अपने नाना के घर. अब तीन महीने की होने पर मां उसे लेकर दादा दादी यानि अपने ससुराल आयी. बहू और पोती का धूमधाम से उसका स्वागत किया गया. ढोल, नगाड़ा और आतिशबाजी करके परिवार ने खूब खुशी मनाई.
फूलों से सजाया घर
विजय चौकसे कॉन्ट्रैक्टर हैं. तीन महीने पहले उनकी बेटी हुई. उसका जन्म महाराष्ट्र के अमरावती के मौर्शी में अपने नाना के घर हुआ. जब बेटी तीन माह की हो गयी तब उसे लेकर वो अपने घर नेपानगर आए. पूरे परिवार ने इस मौके पर जश्न मनाया. पहली बार कन्या के घर आने की खुशी में बेटी के ताऊ ने घर फूलों से सजा दिया. बैंड बाजा बुलवाए गए. पटाखे फोड़े और आतिशबाजी की गयी. बेटी के घर आते ही गाजे-बाजे की धुन पर पूरा परिवार झूम उठा.
परिवार ने दिया लैंगिक समानता का संदेश
फूल बरसाकर बच्ची का भव्य स्वागत किया गया. इस जश्न की पूरे शहर में चर्चा है. परिवार ने ऐसा करके समाज को बेटा-बेटी के एक समान होने का संदेश दिया है. आज बेटियां भी बेटों से कम नहीं है. चौकसे परिवार का ये उत्साही काम पूरे समाज को ये संदेश दे रहा है कि बेटी है तो कल है. कन्या भ्रूण हत्या पाप है. बेटी दो घरों को जोड़ती है वो सबका सुख और मान है.
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