ग्वालियर
बीजेपी के सामने आने वाले लोकसभा चुनावों में बड़ी चुनौतियां हैं। खास तौर से ग्वालियर सीट को लेकर, एक तरफ सिंधिया की नजर ग्वालियर सीट पर है, तो वहीं मुरैना से सांसद और केंद्रीय मंत्री तोमर की नजर भी ग्वालियर सीट पर है। तोमर मुरैना सीट छोडऩा चाहते हैं और सिंधिया गुना से चुनाव नहीं लडऩा चाहते। दोनों ही नेता ग्वालियर को अपने लिए सेफ सीट मानकर चल रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी सिंधिया को ज्यादा तवज्जो दे सकती है, क्योंकि युवाओं में सिंधिया को लेकर क्रेज है और उन्हीं की वजह से भाजपा चौथी बार प्रदेश की सत्ता में काबिज हुई है। पार्टी फिलहाल उन्हें नाराज नहीं करना चाहती।
नरेंद्र सिंह शुरू से ही चाहते थे की भोपाल सीट से वे लड़ें, लेकिन राजनीतिक समीकरण उनके लिए फिट नहीं बैठे. तोमर को पता है की भोपाल सीट से अच्छी कोई सीट नहीं हैं। लिहाजा उनको लगता है कि यदि पार्टी ने उनकी जगह सिंधिया को ज्यादा तवज्जो दी, तो फिर उन्हें फिर मुरैना से ही लडऩा पड़ेगा, लेकिन मुरैना में वे खुद की जीत को लेकर संशय में हैं। पार्टी तोमर पर ज्यादा विश्वास करती है या सिंधिया पर भरोसा जताती है, यह आने वाला वक्त बताएगा।
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