भोपाल
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने पिछले तीन सत्रों से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के बीएड कोर्स के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है। क्योंकि बीयू के पास बीएड का अध्ययन कराने के लिये पर्याप्त संख्या में फैकल्टी मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा कई और संसाधन हैं, जिनके चलते बीयू को बीएड की स्वीकृति नहीं दी जा सकती है। इसके बाद भी बीयू ने बीएससीबीएड और बीएबीएड को खोलकर प्रवेश कराने की अनुमति एनसीटीई से मांगी है, ताकि आगामी सत्र में प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण किया जा सके।
बीयू आगामी सत्र में बीएससीबीएड और बीएबीएड में प्रवेश कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिये बीयू ने एनसीटीई को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। एनसीटीई से स्वीकृति मिलने के बाद बीयू प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के इंतजाम जमाएगा। बीयू को दोनों कोर्स की मंजूरी मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। क्योंकि एनसीटीई ने तीन साल पहले फैकल्टी के अभाव में बीएड के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। तीन साल में बीयू फैकल्टी की नियुक्ति नहीं कर सका है। जबकि एनसीटीई ने बीयू को फैकल्टी और अन्य संसाधनों को जुटाने का पूरा मौका दिया था। इसके बाद भी वह एनसीटीई के मापदंडों को पूरा नहीं कर सके। इसके चलते एनसीटीई को बीयू के बीएड पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
झूठे आश्वासन देते निदेशक
एनसीटीई के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है कि बीयू में लंबे समय से फैकल्टी का अभाव बना हुआ है। कुछ वर्षों तक बीएड विभाग के तत्कालीन निदेशक शपथ पत्र पर आश्वासन देते थे कि उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाए। वे समय रहते फैकल्टी की नियुक्ति कर लेंगे। उनके आश्वासन कभी पूरे नहीं हुये। वर्तमान में फैकल्टी के नाम पर एक भी शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इसलिये बीएड के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
नये कोर्स की अनुमति पर होगी नियुक्ति
एनसीटीई बीएससीबीएड और बीएबीएड कोर्स में प्रवेश कराने की अनुमति दे देता है, तो बीयू गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भर्तियां करेगा। इससे विद्यार्थियों को प्रवेश लेने में आसानी होने के साथ अध्ययन करने का मौका भी मिलेगा।
बीएससीबीएड और बीएबीएड कोर्स की अनुमति लेने के लिये एनसीटीई से स्वीकृति मांगी गई है। स्वीकृति मिलते ही प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। आईके मंसूरी, रजिस्ट्रार, बीयू
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