नई दिल्ली
(Theranos) की सीईओ एलिजाबेथ होम्स (Elizabeth Holmes) को कैलिफोर्निया के सैन जोस की एक अदालत ने 11 साल की जेल की सजा सुनाई है। अमेरिकी बायोटेक स्टार एलिजाबेथ होम्स पर अपने निवेशकों को धोखा देने का आरोप है। बता दें कि एलिजाबेथ की स्टार्टअप कंपनी थेरानोस को 2018 में ही बंद कर दिया गया था। दरअसल, कंपनी ने ब्लड टेस्टिंग सेक्टर में क्रांति लाने का वादा किया था, और इसके नाम पर निवेशकों को धोखा दिया था।
क्या है मामला?
बता दें कि 38 साल की होम्स को तीन महीने तक चले मुकदमे के बाद जनवरी में दोषी ठहराया गया था। होम्स ने साल 2003 में स्टार्टअप कंपनी थेरानोस की शुरुआत की थी। उस समय होम्स ने दावा किया था कि उसकी कंपनी ने एक ऐसी ब्लड एनालाइजर बनाई है, जिसे कहीं भी ले जाया जा सकेगा और इससे आसानी से ब्लड टेस्ट हो जाएंगे। इसके अलावा, इस स्टार्टअप ने यह भी दावा किया था कि एक बार उंगली से ब्लड लेने के बाद शरीर की सभी बीमारियों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस दावे के बाद होम्स के स्टार्टअप पर निवेशकों ने जमकर दांव लगाया और उन्हें बंपर निवेश मिला था। हालांकि, बाद में ये सभी बातें झूठी निकली और मामला कोर्ट तक गया। कई सालों तक केस चला और फिर इस साल जनवरी में सजा सुनाई गई।
एलिजाबेथ होम्स ने क्या कहा?
एलिजाबेथ होम्स ने 2003 में 19 साल की उम्र में थेरानोस की स्थापना की थी। इसके बाद सिलिकॉन वैली में उन्होंने खूब वाहवाही बटौरी। होम्स बहुत कम समय में दुनिया की सबसे कम उम्र की अरबपति महिला बन गई थीं। बता दें कि अपनी जेल की सजा सुनने के बाद, होम्स ने अपने पति बिली इवांस को गले लगा लिया और भावुक हो गईं। अदालत में रोते हुए होम्स ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिलता तो वे कई चीजें बिल्कुल अलग तरह से करतीं। मैंने कई लोगों को निराश किया है। लोगों ने जो कुछ झेला उसके लिए मैं शर्मिंदगी महसूस करती हूं।
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