नई दिल्ली
भारत में पाकिस्तान से अक्सर घुसपैठ की घटनाएं सामने आतीं हैं। इस क्रम में बुधवार को भारत ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को रिहा कर दिया। अवैध तौर पर भारत में घुसने के आरोप में पाकिस्तानी नागरिक को 10 साल कैद की सजा मिली थी, जो पूरी हो गई। इसके बाद आज अटारी-वाघा बार्डर के जरिए इसे इस्लामाबाद को सौंप दिया गया। इसकी पुष्टि प्रोटोकाल अधिकारी अरुणपाल ने की।
काला मास्सी है घुसपैठिए का नाम
ANI से बातचीत में प्रोटोकाल आफिसर ने बताया कि जेल से रिहा किया गया पाकिस्तानी नागरिक काला मास्सी है। अरुणपाल ने बताया कि (Kala Massi) पाकिस्तान के नारोवाल (Narowal) का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि काला मास्सी साल 2011 में बगैर वीजा व पासपोर्ट के रामदास एरिया (Ramdass area) के जरिए भारत में घुसा था। उन्होंने आगे बताया कि उसे मजिठा (Majitha) में पकड़ा गया था और उसके पास से पिस्तौल व काट्रिज (pistol and cartridge) बरामद हुए थे।
अरुणपाल के अनुसार, कोर्ट ने उसे 10 साल तक कैद की सजा दी थी और 2,10,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। अरुणपाल ने रिहा हुए पाकिस्तानी नागरिक की पहचान बताई। उन्होंने कहा,' रिहा होने वाले कैदी का नाम काला मास्सी है। यह गाम्मा मासी (Gamma Masi) का बेटा है, जो पाकिस्तान के नारोवाल का मूल निवासी है। 2011 में बगैर पासपोर्ट वीजा के काला मास्सी भारत में घुस गया था।' उन्होंने बताया,' घुसपैठिए काला मास्सी को मजिठा में पकड़ा गया था और उसके पास से पिस्तौल बरामद किया गया था। मास्सी के खिलाफ FIR दर्ज किया गया और अदालत ने उसे 10 साल कैद की सजा दे दी। साथ ही 2,10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।'
तस्करी करने भारत आया था पाकिस्तानी नागरिक
अरुणपाल ने बताया कि उसने जेल की सजा पूरी कर ली, इसलिए रिहा किया गया। हालांकि उसके पास से कैश नहीं मिला है। काला मास्सी ने एएनआई से बताया कि वह 9 मई 2011 को रामदास एरिया से भारत पहुंचा था। उसने कहा, 'मैं तस्करी करता था। मेरे पास से एक पिस्तौल और 10 लाख रुपये मिले थे। मुझे फैजल शेख (Faisal Sheikh) भारत भेजता था। मैं यहां उसके साथ पहले भी 2-3 बार आया था। अब 12 साल बाद पाकिस्तान लौटूंगा।' उसने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान में मित्रता होनी चाहिए। इससे पहले जुलाई में भारत ने चार पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा था।
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