9वीं कक्षा का छात्र रूद्र आज बना डिंडौरी का कलेक्टर,जानिए पूरा मामला

मध्य प्रदेश राज्य

डिंडौरी
 सोमवार को सुबह लगभग साढ़े 9 बजे छात्र रूद्र प्रताप झारिया कलेक्टर की कुर्सी पर बैठा। कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा छात्र को अपनी कुर्सी में बैठाते हुए कामकाज के बारे में बताया गया। छात्र को यह भी समझाया गया कि कलेक्टर को किस तरह प्रशासनिक कार्यों करना पड़ता है। इस दौरान छात्र के माता-पिता सहित अन्य परिजन भी मौजूद रहे। छात्र को कलेक्ट्रेट कार्यालय के अलग-अलग कार्यालयों का भी निरीक्षण कराया गया। कलेक्टर की कुर्सी में बैठने के साथ कार्यालय के भ्रमण के दौरान छात्र में विशेष उत्साह देखा गया। छात्र को कलेक्टर के वाहन में कलेक्टर की सीट में बैठाकर भ्रमण भी कराया गया। इस पहल को लेकर सुबह से ही अन्य विभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंच गए थे। छात्र ने बताया कि वह काफी उत्साहित था।

गौरतलब है कि शनिवार को स्कूल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा छात्र को कार्यालय बुलाया गया था।गौरतलब है कि जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम धनवासागर के शासकीय मॉडल स्कूल का शनिवार को कलेक्टर ने निरीक्षण किया था। इस दौरान अध्ययनरत नौवीं के छात्र रुद्र प्रताप झारिया से सवाल भी पूछे गए थे। रूद्र प्रताप ने कहा था कि उसे कलेक्टर से मिलने का सपना था। उसके पिता अखिलेश झारिया और मां राजकुमारी झारिया का सपना भी है कि वह कलेक्टर बने। कलेक्टर ने छात्र का सपना पूरा करने के लिए उसे एक दिन का कलेक्टर बनाने की बात कही थी। उन्होंने छात्र को कलेक्ट्रेट सोमवार को बुलाया था। कलेक्टर द्वारा उस दौरान कहा गया था कि छात्र को कलेक्ट्रेट के अन्य कार्यालयों को भी घुमाएंगे। इस दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि पेसा एक्ट को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए छात्र छात्राओं को ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। बच्चे अपने माता-पिता सहित आसपास के लोगों को पेसा एक्ट को लेकर जागरूक करेंगे।

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