सीतापुर
यूपी में इस बार मिश्रिख नैमिषारण्य के विख्यात 84 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ 21 फरवरी से होगा। विभिन्न पड़ावों से होकर तीन मार्च को मिश्रिख पहुंचेगा रामादल। इसके लिए साधु-संतों की बैठक हो चुकी है। इस बैठक में अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा भी हुई। 21 फरवरी को प्रथम पड़ाव कोरौना में ठहरेगा। 22 फरवरी को परिक्रमा पड़ाव गोमती नदी के पार हरदोई जिले मे प्रवेश कर हर्रैया में ठहरेगा। 23 फरवरी को नगवा कोथांवा, 24 फरवरी को उमरारी, 25 फरवरी को साखिन गोपालपुर में परिक्रमा पड़ाव पहुंचेगा।
26 फरवरी को पुनः सीतापुर जिले के देवगवां में परिक्रमा पड़ाव पहुंचेगा। 27 फरवरी को मड़ेरुवा, 28 फरवरी को जरिगवां, एक मार्च को नैमिषारण्य, दो मार्च को कोल्हुवा बरेठी तथा तीन मार्च को मिश्रिख में परिक्रमा पड़ाव पहुंचेगा। इस बावत चौरासी कोसीय परिक्रमा सेवा समिति नैमिषारण्य के सचिव व खाकी अखाड़ा बनगढ़ आश्रम के महंत संतोष दास खाकी ने बताया कि 30 नवंबर को परिक्रमा को लेकर प्रथम बैठक हो चुकी है, जिसमें प्रस्तावक विमल मिश्र द्वारा प्रस्ताव किया जा चुका है। जिसमें प्रत्येक पड़ाव स्थल के लिए पड़ाव प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक पड़ाव पर समिति के पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक भी की जाएगी जिसमें स्थानीय स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। पड़ाव स्थल पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक अफसरों से मिलकर समाधान कराया जाएगा। संभावना है कि इस यात्रा के लिए लखनऊ रोड, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड, अंबेडकर नगर रोड, गोरखपुर रोड और गोंडा रोड पर गेट लगवाए जाएंगे और परिवहन सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों के निर्देश दिए गए हैं कि ऑफ सीजन के दौरान अन्य स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जन्मभूमि क्षेत्र से पहले अधिकतम 2 किमी की दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, जबकि त्योहारों के दौरान यह अधिकतम 5 किमी की दूरी पर होनी चाहिए, जहां से शटल बसें और ई-वाहन उन्हें मंदिर में लाए जाएं।
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