भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संत हिरदाराम की पुण्य-तिथि पर नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। संत हिरदाराम वर्ष 1948 में सिंध के नवाबशाह से पुष्कर आए थे। वे वर्ष 1950 से पुष्कर में मानव-सेवा को समर्पित रहे। वर्ष 1962 में संत जी का आगमन राजधानी भोपाल के उप नगर बैरागढ़ में हुआ। मानव-सेवा के पुजारी संत हिरदाराम ने वर्ष 1965 में यहीं पर छोटी सी कुटिया बना ली।
समाज-सेवा और समाज-सुधार को समर्पित संत हिरदाराम ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा कार्य पर विशेष ध्यान दिया। उनका मंत्र “बेसहारों का सहारा बनो” आज भी असंख्य असहाय और पीड़ितों का उद्धार कर रहा है। भोपाल के उप नगर बैरागढ़ का नाम संत हिरदाराम नगर किया गया। संत जी द्वारा शुरू किये गये सेवा कार्य आज भी शिक्षण संस्थानों और चिकित्सालयों के रूप में जारी है। उनका अवसान 21 दिसम्बर 2006 को भोपाल में हुआ।
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