छतरपुर
शासन प्रशासन द्वारा शासकीय जमीनों को बचाने के लिए लाख प्रयास किये जा रहे है। जहां तक की जिला कलेक्टर संदीप जीआर द्वारा इंटी माफिया चलाकर शासकीय जमीनों अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। लेकिन भू माफिया इतने सक्रिय है कि अपनी रसूख के आगे सभी कायदे कानूनों को किनारे रख दिये जाते है। इसी प्रकार जिले में एक नामचीन भूमाफिया ग्रप सक्रिय चल रहा है। इस ग्रप में चार लोग बताये जा रहे है। जिसमें संतोषी अग्रवाल पति संतोष अग्रवाल, निरंजन पिता पूरन लाल अग्रवाल सहित दो अन्य लोग बताये जा रहे है।
इन माफियाओं के द्वारा बगौता मौजा स्थित वार्ड क्रमांक 21 मरघट पहाडी के पास खसरा नम्बर 1266/3 स्थिति है जो राजस्व रिकार्ड में शासकीय दर्ज है। उसी के पास खसरा नम्बर 1266/8/2/2/2/2 कुल किता 01 रकवा 0.796 हेक्टर को क्रय किया है। और जिसका सीमांकन पटवारी एवं आरआई से मिलकर फर्जी तरीके से आवेदिका के कब्जे से खसरा क्रमांक 1266/3 में सीमांकन व तरमीम की जा रही है।
ग्राहकों के साथ कैसे करते धोखाधडी
शिकायतकर्ता ने जानकारी देते हुये यह बताया है कि संतोषी अग्रवाल के पति संतोष अग्रवाल और निरंजन पिता पूरन लाल अग्रवाल के द्वारा जिस खसरा नम्बर की भूमि पर प्लाटिंग की जाती है जिस जमीन के पास शासकीय जमीन पडी रहती है और इन भू माफियाओं के द्वारा बडे आराम से उस शासकीय जमीन को अपने कब्जे में लेकर ग्राहकों को शासकीय भूखण्ड पर कब्जा दिला दिया जाता है।
पटवारी आरआई से मिलकर शासकीय भूखण्डों को लगाते है ठिकाने
शिकायतकर्ता ने जानकारी देते हुये यह भी बताया है कि इन भूमाफियाओं के द्वारा पटवारी और आरआई को अपने रसूख के चलते मोटी रकम के चक्कर में फंसा लिया जाता है और बडे आराम से शासकीय भूखण्डों को खुर्द बुर्द करते हुये ग्राहकों को बेच दिया जाता है। बाद में आलम यह आता है कि ग्राहक बिचारा अपनी जीवन भर की कमाई को प्लाट खरीदने में लगा देता है और बाद में उसे तहसील और न्यायालय के चक्कर काटने पडते है।
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