मिट्टी के लिए अलख जगाने मप्र का सुरेंद्र निकला सायकिल यात्रा पर

छत्तीसगढ़ रायपुर

कोरबा

मिनीमाता स्कूल, बालको नगर में मिट्टी के प्रति प्रेम और उससे जुड़े जागरुकता के प्रसार-प्रचार के लिए सम्पूर्ण भारत के यात्रा पर निकले सुरेंद्र अन्ना का आगमन हुआ। इसी कड़ी में स्कूल प्रबंधन ने उनकी उपस्थिति में कुछ कार्यक्रम आयोजित किए जिनमें प्रमुख रूप से सुरेंद्र अन्ना के द्वारा एक उद्बोधन दिया गया जो कि पूर्ण रूप से मिट्टी को बचाने, उसके स्वास्थ्य को सुधारने और उसके प्रति प्रेम और समर्पण जगाने वाला रहा। जिसे सभी बच्चों, शिक्षक एव शिक्षिकाओं ने बड़े ही उत्साह और ध्यान से सुना और समझने का प्रयास किया।

5 दिसंबर 2022 को विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष पर आयोजित पेटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 50 से अधिक बच्चों को सुरेंद्र अन्ना ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पेंटिंग के माध्यम से बच्चों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को मिट्टी को बचाने के लिए स्मरण पत्र लिखा था। बच्चों द्वारा तैयार किए गए पेंटिंग्स और पत्रों को सेव सॉइल वॉलंटियर की ओर से सेव सॉइल की आफिशियल वेबसाइट पर अपलोड किया गया है जिसे देश – विदेश के लोगों द्वारा खासा पसंद किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन मिनीमाता स्कूल बालको के प्राचार्य श्री भोजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया तथा माधुरी सिंह, शशि सिंह, गोपाल दास, रेणु शाह, निली और अन्य शिक्षकों और लगभग 500 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सुरेंद्र अन्ना मूलत: वीरपुरा मध्यप्रदेश के रहने वाले है और  मिट्टी और पर्यावरण सरंक्षण के अभियान को लेकर तमिलनाडु के ईशा फाउंडेशन में स्थित आदियोगी, कोयमंटूर से जम्मू की यात्रा सायकल से पूरी कर चुके हैं। अब द्वारका से अरुणाचल प्रदेश की साइकिल यात्रा पर हैं। इसी कड़ी में वे महाराष्ट्र से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं जिसमें उनके द्वारा राजनंदगांव, रायपुर, भिलाई, भाटापारा, बिलासपुर, चम्पा और कोरबा का प्रवास पूर्ण हो गया है। वर्तमान में वे रायगढ़ में हैं वहां से होते हुए ओडिशा जायेंगे और उनकी यह त्याग और समर्पण के साथ मिट्टी के लिए अलख जगाने की यह यात्रा लगातार जारी रहेगी।

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