उज्जैन
रेलवे स्टेशन पर बुकिंग खिड़की के पास से 24 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे दो साल का बालक चोरी हो गया। घटना के दौरान मां अपने बच्चे को बैंच पर लेटाकर दूध लेने गई थी। वारदात के बाद महिला ने जीआरपी थाने में शिकायत की तो टीआइ ने एफआइआर दर्ज करने के बजाए महिला पर ही बच्चा उठाने का आरोप लगाते हुए उसे वहां से भगा दिया। महिला का आरोप है कि उसे चांटा भी मारा गया। अगले दिन रोगी कल्याण समिति सदस्य के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने फिर से फुटेज चेक किए तो उसमें बच्चे चोरी होने की बात सामने आई। इसके बाद केस दर्ज किया गया।
बागपुरा निवासी वैष्णवी उम्र 22 वर्ष 23 दिसंबर की रात को पति श्रवण से झगड़ा होने के बाद अपने 2 साल के पुत्र वंश को लेकर भोपाल में अपनी बड़ी मां के यहां जाने के लिए रेलवे स्टेशन चली गई थी। वहां रात भर रही 24 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे वह दूध की बोतल लेने के लिए अपने पुत्र वंश को बुकिंग खिड़की के समीप बैंच पर लेटा कर गई थी। वापस लौटी तो बच्चा नदारद मिला। इस पर वह घबरा गई और जीआरपी थाने पहुंची तो टीआइ आर एस महाजन ने उसकी शिकायत सुनने के बजाय उससे अभद्रता की और उस पर ही बच्चा उठवाने का आरोप लगाकर चांटा मार दिया। महिला रोते हुए देवास गेट थाने गई थी। यहां भी पुलिस ने उससे घटनाक्रम सुना तो घटनास्थल जीआरपी का बताकर उसे रवाना कर दिया।
अगले दिन फिर गई थाने
25 दिसंबर को महिला दोबारा देवासगेट थाने गई थी। यहां पर रोगी कल्याण समिति के सदस्य राजेश बोराना मौजूद थे। उन्होंने महिला को रोते देखकर उससे रोने का कारण पूछा तो महिला ने बताया कि उसका बच्चा चोरी हो गया और पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही है। उसके बाद बोराना ने देवासगेट टीआई राममूर्ति शाक्य से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि घटनास्थल जीआरपी का है और जीआरपी उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। इसके बाद बोराना उसे लेकर जीआरपी टीआइ आरएस महाजन के पास पहुंचे थे। यहां महाजन का कहना है कि था कि हमने महिला की शिकायत पर फुटेज चेक कर लिया लेकिन वह बच्चा ले जाते हुए कोई नहीं दिखा। इस पर बोराना ने फिर से फुटेज चेक करने को कहा। इसमें करीब 10 बजे एक व्यक्ति बच्चे को गोद में उठाकर ले जाता हुआ नजर आ रहा है। इसके बाद जीआरपी ने ताबड़तोड़ केस दर्ज किया।
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