लखनऊ
बाघ किशन अब हमारे बीच में नहीं है. लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिक पार्क में इस बाघ ने अपनी अंतिम सांस ली. लखनऊ ज़ू में का किंग टाइगर किशन इस दुनिया को छोड़कर चला गया. वह पूरी दुनिया में फेमस था. उसपर कई रिसर्च कर रही थीं. उसे बचाने के लिए दुनियभर के पशु चिकित्स्क जद्दोजहत कर रहे थे मगर किशन कैंसर की जंग में हार गया.
बताया जा रहा है कि किशन पिछले कई सालों से कैंसर पीड़ित था. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि किशन की कैंसर की वजह से बीते शुक्रवार को मौत हो गई.
किशन को 1 मार्च 2009 में किशनपुर टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह पार्क लाया गया था. किशन हिमेंजिओसार्कोना नाम के कैंसर से पीड़ित था, कैंसर बाघ के मुंह, और कान के पास फैल गया था. जिसकी वजह से वह काफी तकलीफ में था और इसी कारण उसने शुक्रवार को दुनिया से चला गया. लखनऊ ज़ू अधिकारियों के अनुसार, इस गंभीर बीमारी के कारण किशन बाघ दूसरे जंगली जानवरों का शिकार नहीं कर पाता था. इसी लिए उसे ज़ू में रखा गया था.
पिछले 13 साल से टाइगर किशन लखनऊ ज़ू की शान बना हुआ था. लोग कैंसर पीड़ित बाघ को देखने के लिए दूर दूर से पहुँचते थे और उन्हें टाइगर की व्यथा देख सहानभूति भी होती थी.
बाघ किशन की बीमारी का पता चलने के बाद से उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही थी. जांच टीम लगातार उसकी देखभाल कर रही थी. बाघ किशन कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित होने और बढ़ती उम्र के बावजूद भी दूसरे बाघों की तरह ही व्यवहार करता था.
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